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‘आप’ को उस समय बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक समेत पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी. चड्ढा ने कहा कि वे सभी भाजपा में शामिल हो गए हैं. उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है. सात सांसदों के समूह में हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी शामिल हैं.

राघव चड्ढा सहित ‘आप’ के तीन सांसद बीजेपी में शामिल हो गए.
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों की बगावत की इनसाइड स्टोरी सामने आ गई है. पिछले 24 घंटे में पंजाब और दिल्ली की पॉलिटिक्स में बहुत बड़ा खेला हुआ है. राघव चड्ढा इन सातों सांसदों को लगातार को-ऑर्डिनेट कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, सभी बागी सांसदों ने अपनी अलग-अलग चिट्ठी तैयार की. आज सुबह 11 बजे सभी की चिट्ठी सभापति को सौंप दी गई.
बीजेपी हेडक्वार्टर में सिर्फ तीन सांसद ही नजर आए. बाकी चार सांसद अलग-अलग कारणों से इस बड़े ईवेंट में नहीं पहुंच सके. सबसे बड़ी बात यह है कि कुछ सांसद आखिरी पल तक अरविंद केजरीवाल के संपर्क में थे. उन्होंने केजरीवाल को दबाव की बात बताई थी. इन सांसदों ने पार्टी न छोड़ने का वादा भी किया था. लेकिन अचानक बागी होकर इन्होंने पार्टी को धोखा दिया है.
‘राघव चड्ढा ने किया सबको को-आर्डिनेट’
आम आदमी पार्टी में हुई इस बड़ी टूट की कहानी बहुत हैरान करने वाली है. सभी सातों बागी सांसद लगातार एक-दूसरे के सीधे संपर्क में थे. राघव चड्ढा इन सभी सांसदों को पर्दे के पीछे से को-ऑर्डिनेट कर रहे थे. सभी सांसदों ने बहुत सीक्रेट तरीके से अपनी अलग-अलग चिट्ठी तैयार की. आज सुबह ठीक 11 बजे यह चिट्ठी सभापति को सौंप दी गई. इस पूरी साजिश की भनक पार्टी के आलाकमान को बिल्कुल भी नहीं लगी.
यूएस से लेकर आईपीएल तक
बीजेपी ज्वॉइन करने वाले सिर्फ तीन सांसद ही मीडिया के सामने आए. इसके बाद बाकी चार सांसदों के गायब होने पर बड़े सवाल उठे. सूत्रों के मुताबिक सांसद राजिंदर गुप्ता इस समय यूएस में मौजूद हैं. स्वाति मालीवाल संसदीय समिति के किसी काम से ईटानगर गई हुई हैं. हेल्थ प्रॉब्लम की वजह से विक्रमजीत साहनी व्यक्तिगत तौर पर नहीं आ पाए, जबकि हरभजन सिंह अपने आईपीएल कमिटमेंट के कारण आज के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए.
‘केजरीवाल से किया था पार्टी न छोड़ने का वादा’
बागी हुए कुछ सांसद आखिरी पलों तक अरविंद केजरीवाल से अपनी बात कर रहे थे. सांसद संदीप पाठक 23 अप्रैल और विक्रम साहनी 22 अप्रैल को केजरीवाल से मिले थे. अशोक मित्तल ने 19 अप्रैल को चेन्नई जाने से पहले केजरीवाल से मुलाकात की थी. विक्रम साहनी शुक्रवार शाम 7 बजे भी सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने वाले थे. लेकिन इस अहम मीटिंग से ठीक पहले ही वह अचानक सरेआम बागी हो गए. इन सांसदों ने केजरीवाल से कहा था कि उन पर भारी दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने किसी भी सूरत में पार्टी न छोड़ने का वादा भी किया था.
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जावेद मंसूरी News 18 इंडिया में बतौर सीनियर करेस्पोंडेंट कार्यरत हैं. पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है. ABP न्यूज़ से अपने सफर की शुरुआत करने वाले जावेद मंसूरी ने जून 2012 से मार्च 2019 तक ABP न्यूज़ में काम किय…और पढ़ें

