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दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर कस्टम्स टीम ने गोल्ड स्मगलिंग का बड़ा केस पकड़ा गया है. सैन फ्रांसिस्को से आई दो भारतीय महिलाओं के बैग से 11 गोल्ड स्ट्रिप्स मिलीं, जिनकी कीमत करीब ₹58.5 लाख है. दोनों महिलाओं को कस्टम्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.
Delhi IGI Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें अमेरिका से मस्ती कर लौटीं दो युवतियों के 11 सोने के कंगल कस्टम ने उतरवाए हैं. कस्टम ने दोनों युवतियों पर तस्करी का आरोप लगाते हुए इन कंगनों को जब्त कर दिया है. दरअसल, यह मामला 29 अक्टूबर 2025 का है. दोनों युवतियां अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI-174 से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची थीं.
कस्टम के अनुसार जैसे ही ये दोनों युवतियां इंटरनेशनल अराइवल हॉल से बाहर निकलने लगीं, कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अफसरों को उनके मूवमेंट पर शक हुआ. अफसरों को लगा कि दोनों के पास कुछ सस्पिशियस सामान है. लिहाजा, उन्हें इंटरसेप्ट किया गया और उनके बैग्स व पर्सनल सर्च की गई. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से सर्कुलर शेप की 11 गोल्ड स्ट्रिप्स बनामद की गई. यह सभी गोल्ड स्ट्रिप्स कंगल के शक्ल में थीं. बरामद किए गए कंगन को 497.50 ग्राम सोने से तैयार किया गया था.
कस्टम्स के मुताबिक, दोनों युवतियों से बरामद किए गए गोल्ड की मार्केट वैल्यू करीब 58 लाख 55 हजार 819 रुपए है. स्टम्स की शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों महिलाएं दिल्ली की ही रहने वाली हैं. कुछ दिनों पहले वह दोनों अमेरिका गई थी. पूछताछ में दोनों ने पहले गोल्ड छिपाने की बात से इनकार किया, लेकिन बाद में मान गईं कि गोल्ड उन्हीं का है और वो इसे बिना ड्यूटी चुकाए इंडिया लाना चाहती थीं. कस्टम्स ने दोनों के खिलाफ कस्टम एक्ट की धारा 110 के तहत केस दर्ज किया है.
क्या कहते हैं नियम?
नियमों के अनुसार, भारत में किसी भी पैसेंजर को विदेश से सोना लाने की इजाजत तो है, लेकिन उसकी एक लिमिट तय होती है. कोई भी मेल पैसेंजर 20 ग्राम और फीमेल पैसेंजर 40 ग्राम तक का गोल्ड जूलरी अपने साथ ला सकती हैं. विदेश से सोना लाने के नियम क्या हैं जानिए विस्तार से…
- मेल पैसेंजर 50 हजार रुपए कीमत का 20 ग्राम तक की गोल्ड ज्वैलरी बिना कस्टम ड्यूटी के लाई जा सकते हैं. वहीं, फीमेल पैसेंजर 40 ग्राम तक की गोल्ड ज्वैलरी बिना ड्यूटी के लाई जा सकती है, जिसकी अधिकतम वैल्यू 1,00,000 रुपये होनी चाहिए.
- ये ड्यूटी-फ्री लिमिट सिर्फ ज्वेलरी पर लागू होती है. गोल्ड बार, कॉइन या बिस्किट पर कोई छूट नहीं मिलती.
- अगर कोई पैसेंजर ड्यूटी-फ्री लिमिट से ज़्यादा गोल्ड लाता है, तो वो टोटल 1 किलो तक लीगली ला सकता है, लेकिन उस एक्स्ट्रा हिस्से पर करीब 13.7% की कस्टम ड्यूटी देनी होगी.
- जो लोग 6 महीने से कम टाइम के लिए फॉरेन कंट्री में रहे हैं, उन्हें कोई ड्यूटी-फ्री बेनिफिट नहीं मिलेगा. उन्हें पूरा सोना ड्यूटी पे करके ही लाना होगा, जिसमें कुल चार्ज लगभग 38.5% तक हो सकता है.
- जो भारतीय एक साल या उससे ज़्यादा टाइम से अब्रॉड रह रहे हैं, वो भी टोटल 1 किलो तक गोल्ड (बार या ज्वेलरी किसी भी फॉर्म में) ला सकते हैं.
- एनआरआई के लिए भी वही ड्यूटी-फ्री लिमिट लागू होती है. मेल के लिए ₹50,000 और फीमेल के लिए ₹1,00,000 तक की ज्वेलरी. लेकिन गोल्ड बार या कॉइन पर कोई छूट नहीं है.
- अगर 1 किलो लिमिट के अंदर भी गोल्ड ड्यूटी-फ्री लिमिट से ज़्यादा है, तो उस हिस्से पर लगभग 13.7% की कस्टम ड्यूटी देनी होगी.
- अगर आप ड्यूटी-फ्री लिमिट से ज्यादा गोल्ड ला रहे हैं, तो कस्टम डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी है. अगर आप ऐसा नहीं करते, तो आपका गोल्ड सीज़ किया जा सकता है और फाइन या लीगल एक्शन भी हो सकता है.
- आम तौर पर 22 कैरेट या उससे ऊपर की प्योरिटी वाला गोल्ड अलाउड होता है. बहुत ज्यादा शुद्ध यानी 24 कैरेट गोल्ड पर कस्टम ऑफिसर डिटेल में जांच कर सकते हैं.
- कोई भी पैसेंजर, — चाहे एनआरआई हो या टूरिस्ट, बिना स्पेशल इम्पोर्ट लाइसेंस के 1 किलो से ज़्यादा गोल्ड नहीं ला सकता. अगर ऐसा किया गया तो ये इललीगल स्मगलिंग मानी जाएगी और उस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
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