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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अब बार-बार पासपोर्ट और आईडी दिखाने की जरूरत नहीं होगी. बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल डिपार्चर के लिए भी डिजी यात्रा का ट्रायल शुरू हो गया है. इसके तहत चुनिंदा इंडिगो और एयर इंडिया फ्लाइट्स के एलिजिबल पैसेंजर्स चेहरे की मदद से अपनी पहचान वेरिफाई करा सकेंगे. शुरुआत में टर्मिनल एंट्री और सिक्योरिटी चेक में यह सुविधा मिलेगी. इसे आगे चलकर बोर्डिंग तक बढ़ाने की संभावना है.
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल डिपार्चर के लिए डिजी यात्रा का ट्रायल शुरू हो गया है. (Image: AI)
Bengaluru Airport Digi Yatra Trials: अब बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने वाले पैसेंजर्स के लिए एयरपोर्ट की एंट्री और सिक्योरिटी चेक का प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान होने जा रहा है. एयरपोर्ट पर अब इंटरनेशनल डिपार्चर के लिए भी डिजी यात्रा की सुविधा का ट्रायल शुरू किया गया है. इसके तहत चुनिंदा फ्लाइट्स के एलिजिबल पैसेंजर्स अपनी पहचान चेहरे की मदद से वेरिफाई करा सकेंगे. इससे बार-बार आईडी और ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स दिखाने की जरूरत नहीं होगी.
बेंगलुरु एयरपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल पैसेंजर के लिए डिजी यात्रा के ट्रायल्स ‘डीवाई-आईपीटी’ 27 अक्टूबर से शुरू कर दिया गया है. फिलहाल यह सहूलियत चुनिंदा इंटरनेशनल फ्लाइट्स के पैसेंजर्स के लिए शुरू की गई है. ट्रायल के शुरुआती चरण में टर्मिनल एंट्री और सिक्योरिटी चेक को शामिल किया गया है. इस पहल का मकसद इंटरनेशनल पैसेंजर्स के सफर को ज्यादा सीमलेस, कॉन्टैक्टलेस और सुविधाजनक बनाना है. डिजी यात्रा के जरिए पैसेंजर्स की पहचान सिक्योर डिजिटल क्रेडेंशियल्स और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की मदद से की जाएगी.
ई-पासपोर्ट से होगी पहचान, फिर फेस वेरिफिकेशन
- बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए डिजी यात्रा की सुविधा शुरू होने के बाद एयरपोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में बार-बार आईडी और डॉक्यूमेंट्स की जांच करने की जरूरत नहीं होगी.
- इंटरनेशनल पैसेंजर्स को इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए डिजी यात्रा ऐप पर अपना आइडेंटिटी रजिस्टर करानी होगी. इसके लिए सबसे पहले ई-पासपोर्ट की चिप को वैलिडेट किया जाएगा. इसके बाद फोटो वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होगी.
- इस प्रक्रिया के बाद यात्री के लिए एक ट्रस्टेड डिजिटल ट्रैवल क्रेडेंशियल तैयार किया जाएगा. इसकी मदद से उन टचपॉइंट्स पर फेस-इनेबल्ड प्रोसेसिंग के जरिए पहचान की जा सकेगी, जहां यह सुविधा उपलब्ध होगी.
- शुरुआत में यह सुविधा टर्मिनल एंट्री और सिक्योरिटी चेक तक सीमित रहेगी. हालांकि, चुनिंदा इंटरनेशनल फ्लाइट्स में इसे बोर्डिंग तक बढ़ाने की संभावना भी है.
इंडिगो और एयर इंडिया की चुनिंदा फ्लाइट्स में ट्रायल
इस ट्रायल के तहत इंडिगो और एयर इंडिया की चुनिंदा इंटरनेशनल फ्लाइट्स को शामिल किया गया है. सुविधा का दायरा फिलहाल सीमित है, इसलिए हर इंटरनेशनल पैसेंजर को इसका फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है. पैसेंजर्स को यह भी ध्यान रखना होगा कि डिजी यात्रा शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि अब पासपोर्ट या दूसरे जरूरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स की जरूरत खत्म हो गई है. इमिग्रेशन और इमिग्रेशन से जुड़ी एग्जिट प्रक्रिया पहले की तरह रहेगी. पैसेंजर्स को सभी जरूरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स अपने साथ रखने होंगे. इसके अलावा एयरलाइंस के निर्धारित काउंटर्स पर होने वाली जरूरी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी जारी रहेगी.
2.65 करोड़ से ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल कर रहे डिजी यात्रा
डिजी यात्रा का इस्तेमाल अब तक मुख्य तौर पर डोमेस्टिक एयर ट्रैवल में किया जाता रहा है. फिलहाल इस प्लेटफॉर्म के 2.65 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं. एयरपोर्ट पर टेक्नोलॉजी की मदद से पैसेंजर्स के सफर को आसान और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है. इंटरनेशनल डिपार्चर में डिजी यात्रा का विस्तार इसी कोशिश का हिस्सा है. सिक्योर डिजिटल आइडेंटिटी और फेस-इनेबल्ड प्रोसेसिंग को जोड़कर बार-बार डॉक्यूमेंट चेक्स कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इस ट्रायल से ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी, जिसे भविष्य में इंटरनेशनल ट्रैवल की जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़ाया जा सके.
जॉर्ज फैंथोम
चीफ टेक्निकल ऑफिसर
बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड
आईएटीए के साथ पहले भी हुआ था प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट
इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रायल्स की तैयारी के लिए बीएलआर एयरपोर्ट पर 2026 की शुरुआत में टेक्निकल प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट भी किया गया था. इसमें आईएटीए, इंडिगो, सीटा और डिजी यात्रा ने हिस्सा लिया था. इस परीक्षण में सिक्योर डिजिटल क्रेडेंशियल्स और बायोमेट्रिक-इनेबल्ड प्रोसेसिंग की मदद से इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए एक इंटीग्रेटेड कॉन्टैक्टलेस जर्नी की संभावनाएं तलाशी गई थीं. अब नए ट्रायल के जरिए इस टेक्नोलॉजी को चुनिंदा इंटरनेशनल डिपार्चर में आजमाया जा रहा है. इसका उद्देश्य एयरपोर्ट ऑपरेशंस को ज्यादा एफिशिएंट बनाना और पैसेंजर्स को भविष्य के लिए तैयार डिजिटल ट्रैवल एक्सपीरियंस देना है.

