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Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET पेपर लीक का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है. परीक्षा में अनियमितता होने का आरोप लगाते हुए सोनम वांगचुक गुरुवार 16 जुलाई 2026 को लगातार 21वें दिन बेमियादी भूख हड़ताल पर हैं. लोग उनसे अपना हड़ताल खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जबकि उन्होंने आमलोगों से बड़ी अपील की है.
सोनम वांगचुक 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. (फाइल फोटो/Reuters)
Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित धांधली के मुद्दे को लेकर सोनम वांगचुक बेमियादी भूख हड़ताल पर हैं. उनकी सेहत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. लोग उनसे हड़ताल समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सोनम वांगचुक अपने इरादे पर अटल हैं. वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी तादाद में शामिल होने की अपील की है. बता दें कि सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. इससे उनका हेल्थ खराब हो रहा है. डॉक्टर्स की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
दरअसल, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वांगचुक ने कहा कि उनकी शारीरिक स्थिति पहले जैसी नहीं है, लेकिन इतनी भी खराब नहीं कि वे अपना अनशन समाप्त कर दें. सोशल मीडिया X पर जारी एक वीडियो मैसेज में वांगचुक ने कहा कि हजारों लोगों ने उन्हें अनशन समाप्त करने और भोजन करने की सलाह दी है. कई सीनियर लीडर भी उनसे मिलने पहुंचे. कुछ ने स्नेहपूर्वक और कुछ ने कड़े शब्दों में अनशन खत्म करने की सलाह दी. वहीं, कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए सरकार से उन्हें जबरन भोजन कराने की मांग भी की है.
क्या बदलेगा…
वांगचुक ने कहा कि यदि वह अपना अनशन समाप्त भी कर दें, तो इससे क्या बदलेगा. उनके अनुसार, इससे सरकार को यही संदेश जाएगा कि जवाबदेही तय करने की कोई आवश्यकता नहीं है और लोग कुछ दिन विरोध प्रदर्शन करके घर लौट जाते हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत त्याग नहीं, बल्कि व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराना है. अपनी सेहत को लेकर वांगचुक ने कहा कि लगातार उपवास के बावजूद उनकी मेडिक जांच सामान्य रही है. उन्होंने बताया कि हाल ही में कराया गया ईसीजी भी संतोषजनक रहा और हार्ट समेत शरीर के प्रमुख अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कमजोरी बढ़ रही है, लेकिन वे अभी कई दिन तक अनशन जारी रखने की स्थिति में हैं.

