खामेनेई की हत्या के बाद ईरान के आसमान से उठते धुएं और अमेरिकी ठिकानों पर बरसते मिसाइलों ने मिडिल-ईस्ट को महाविनाश की दहलीज पर खड़ा कर दिया है. शनिवार को हुए अमेरिकी-इजरायली स्ट्राइक के बाद से स्थिति बेकाबू हो चुकी है, जिसके बाद अब दुनिया की दो महाशक्तियों रूस और चीन ने कमान अपने हाथों में ले ली है. क्रेमलिन की सक्रियता का आलम यह है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति से लंबी फोन कॉल कर इस अग्निपथ को रोकने की रणनीति पर चर्चा की है. उधर, बीजिंग से चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायल को सीधी और सख्त चेतावनी जारी करते हुए साफ कह दिया है कि ‘बल प्रयोग’ केवल विनाश को निमंत्रण देता है.
तेहरान से लेकर बेरूत तक धधकती आग के बीच पुतिन और वांग यी की यह जुगलबंदी क्या इस प्रलयंकारी युद्ध को रोकने में सफल होगी या फिर यह केवल एक बड़े तूफान से पहले की शांति है? वैश्विक ऊर्जा संकट और शेयर बाजारों की गिरावट ने साफ कर दिया है कि अब कूटनीति की मेज पर लिया गया हर फैसला दुनिया का भविष्य तय करेगा.
पुतिन का ‘सऊदी-यूएई’ कार्ड
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संकट को टालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से लंबी बातचीत की है.
पुतिन के कूटनीतिक कदम
· क्षेत्रीय नेताओं से संपर्क: पुतिन ने बहरीन के राजा और कतर के अमीर से भी बात कर यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका-इजरायल की सैन्य आक्रामकता पूरे क्षेत्र को अनियंत्रित युद्ध की ओर धकेल रही है.
· ईरान को संदेश: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने साफ किया कि रूस, ईरान के साथ अपने गहरे संबंधों का उपयोग करते हुए उन्हें संयम बरतने और बुनियादी ढांचे पर हमलों पर अपनी चिंता व्यक्त कर रहा है.
· विनाशकारी परिणाम की चेतावनी: पुतिन और MBS के बीच हुई बातचीत में इस बात पर सहमति बनी कि यदि यह संघर्ष और बढ़ा तो इसके परिणाम प्रलयंकारी होंगे, जिसका असर न केवल खाड़ी देशों बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ेगा.
चीन की इजरायल को सीधी चेतावनी
उधर बीजिंग में, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार को फोन कर सीधे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की है. चीन ने न केवल इजरायल और अमेरिका के हमलों का विरोध किया बल्कि तुरंत युद्ध रोकने की मांग भी की.
सैन्य शक्ति का वास्तविक मूल्य युद्ध के मैदान में नहीं बल्कि युद्ध को रोकने में है. बल प्रयोग से समस्याएं हल नहीं होतीं बल्कि नई और दीर्घकालिक जटिलताएं पैदा होती हैं.” – वांग यी, चीनी विदेश मंत्री
वांग यी की यह सक्रियता केवल इजरायल तक सीमित नहीं रही. उन्होंने ईरान, ओमान और फ्रांस के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी चर्चा की. दिलचस्प बात यह है कि चीन ने अब तक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कोई संपर्क नहीं किया है जो वाशिंगटन के प्रति बीजिंग के कड़े रुख को दर्शाता है.
सवाल-जवाब
पुतिन ने सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से क्या खास चर्चा की?
पुतिन ने अमेरिकी-इजरायली सैन्य आक्रामकता से पैदा हुए वास्तविक जोखिमों पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक और कूटनीतिक साधनों के माध्यम से ही इस बेहद खतरनाक स्थिति को हल किया जाना चाहिए.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायल को क्या संदेश दिया?
वांग यी ने इजरायल से तुरंत शत्रुता समाप्त करने की मांग की और कहा कि बल प्रयोग से केवल नई समस्याएं पैदा होती हैं और इसके गंभीर दीर्घकालिक परिणाम होते हैं.

