पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में भारत ने वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है.
2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिनी जाती है. इसके तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है. इस योजना ने गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों के इलाज का खर्च कम करने में मदद की है.
2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता को राष्ट्रीय अभियान बना दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों शौचालय बनाए गए. खुले में शौच मुक्त (ODF) अभियान ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई.
प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस योजना के तहत बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं. सरकार इसे हर परिवार को आवास के लक्ष्य से जोड़कर देखती है.
2015 में शुरू हुआ डिजिटल इंडिया अभियान भारत के डिजिटल परिवर्तन की आधारशिला बना. ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला. आज यूपीआई से लेकर डिजिलॉकर तक कई डिजिटल प्लेटफॉर्म इसी पहल का विस्तार माने जाते हैं.
2019 में शुरू हुई पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है. यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण आय सहायता कार्यक्रम बन चुकी है.
2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पीने का पानी पहुंचाना है. आज लाखों गांवों में पेयजल कनेक्शन का विस्तार हुआ है. यह योजना ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है.
पीएम मोदी ने लगातार इतने दिनों तक पीएम रहकर पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
2014 में शुरू हुए मेक इन इंडिया अभियान का लक्ष्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना था. रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया गया. हाल के वर्षों में मोबाइल निर्माण क्षेत्र में भारत की सफलता को इसी पहल से जोड़कर देखा जाता है.
2016 में लॉन्च हुई स्टार्टअप इंडिया योजना ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया. देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा. भारत आज दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप हब में शामिल है. युवा उद्यमियों को वित्तीय और नीतिगत सहायता देने में इस कार्यक्रम की अहम भूमिका रही.
2021 में शुरू हुई पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत करना है. इस योजना के जरिए परियोजनाओं के बेहतर समन्वय और तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया गया. विशेषज्ञ इसे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नया मॉडल मानते हैं.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को पिछले तीन दशकों में शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा सुधार माना गया. इसमें स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यापक बदलाव प्रस्तावित किए गए. नई शिक्षा नीति का लक्ष्य कौशल, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है.
मोदी सरकार की योजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता तकनीक आधारित निगरानी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण रही है. जनधन, आधार और मोबाइल (JAM) तंत्र ने सरकारी सहायता को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी मॉडल की वजह से सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता बढ़ने का दावा किया जाता है.
12 वर्षों में शुरू की गई इन योजनाओं का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देता है. कहीं बैंकिंग पहुंच बढ़ी, कहीं स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत हुई. कहीं महिलाओं को सशक्त बनाया गया तो कहीं डिजिटल क्रांति को गति मिली. हालांकि, इन योजनाओं की सफलता और चुनौतियों को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी रहती है, लेकिन इतना तय है कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार की नीतियों ने शासन और विकास के कई पारंपरिक ढांचों को बदल दिया है. वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में मोदी सरकार के 12 वर्षों की ये 12 योजनाएं उस बड़े विजन की आधारशिला के रूप में देखी जा रही हैं, जिसने देश की विकास यात्रा को नई दिशा देने का प्रयास किया है.

