फ्लोर मिल में इनके बेटे शान्तनु शर्मा (डायरेक्टर) है। कंपनी से निरीक्षण के दौरान 50 किलोग्राम के 176 बैग सेलखड़ी का स्टाक मिला। फ्लोर मिल में पैकिंग स्थल पर आटे में मिलाने हेतु सेलखडी मिली। साथ ही गेहूँ में सेलखड़ी एवं चावल की किनकी और भूसी मिलाकर उनको पीसा जा रहा था। यहां से सेलखड़ी पाउडर, 02 आटे के नमूने, चावल की किनकी संग्रहित किये गये है।
फ्लोर मिल में मिली सेलखड़ी की 50 किलोग्राम की 176 बैग को सीज किया गया है। इसके द्वारा रात्रि में मिलावटी आटा तैयार कर जनपद में और आस-पास के जनपदों और दिल्ली में बेचने के बारे में इसके द्वारा जानकारी दी गयी है। इसके साथ ही इसी फ्लोर मिल के बराबर में एक वेयर हाउस में कुछ फूड आईटम संग्रहित करने की जानकारी मिली टीम द्वारा उसका भी निरीक्षण किया गया।
सेलखड़ी से प्रभावित होती है तंत्रिका, कैंसर की भी आशंका
सेलखड़ी फैक्टरियों में प्रयोग होने वाला एक केमिकल है। इसके सेवन से लोगों के तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव पड़ता है, साथ ही कैंसर की संभावनाएं भी काफी बढ़ जाती हैं। यदि गर्भवती महिलाएं इसका प्रयोग करतीं हैं तो ऐसे में गर्भ में पल रहे बच्चे को दिव्यांगता, मानसिक तौर पर कमजोरी जैसी समस्या होती है। शुरुआत में इसके प्रयोग से सिर दर्द व चक्कर आने की समस्या होती है, लेकिन लंबे समय तक इसके सेवन से किडनी, फेफड़े और दिल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

