International
oi-Sumit Jha
Department
of
War
Pentagon
New
Name:
अमेरिका
के
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
ने
बड़ा
कदम
उठाते
हुए
पेंटागन
का
नाम
बदलकर
‘युद्ध
विभाग’
(Department
of
War)
कर
दिया
है।
इस
आदेश
पर
राष्ट्रपति
ने
हस्ताक्षर
कर
इसे
तुरंत
लागू
कर
दिया।
ट्रंप
का
कहना
है
कि
अमेरिका
ने
पहले
और
दूसरे
विश्व
युद्ध
में
जीत
हासिल
की
है
और
वर्तमान
वैश्विक
परिस्थितियों
को
देखते
हुए
देश
को
फिर
से
तैयार
रहना
चाहिए।
डोनाल्ड
ट्रंप
ने
आगे
कहा
कि,
इस
बदलाव
का
मकसद
न
केवल
अमेरिका
के
दुश्मनों
को
चेतावनी
देना
है,
बल्कि
सहयोगियों
और
नागरिकों
को
यह
संदेश
देना
है
कि
अमेरिकी
सेना
पूरी
ताकत
और
तैयारी
के
साथ
खड़ी
है।

अमेरिका
के
दुश्मनों
को
संदेश
पेंटागन
का
नाम
पहले
भी
‘युद्ध
विभाग’
था,
लेकिन
1949
में
इसे
बदलकर
रक्षा
विभाग
कर
दिया
गया।
ट्रंप
ने
कहा
कि
वर्तमान
वैश्विक
हालात
और
अमेरिका
की
सैन्य
शक्ति
को
देखते
हुए
पुराने
नाम
को
फिर
से
बहाल
करना
जरूरी
था।
आदेश
पर
हस्ताक्षर
करते
समय
युद्ध
सचिव
पीट
हेगसेथ
और
जॉइंट
चीफ
ऑफ
स्टाफ
डैन
केन
भी
मौजूद
थे।
ट्रंप
ने
बताया
कि
यह
नाम
अमेरिका
के
दुश्मनों
और
सहयोगियों
दोनों
को
यह
संदेश
देगा
कि
देश
युद्ध
और
सुरक्षा
दोनों
के
लिए
पूरी
तरह
तैयार
है।
युद्ध
विभाग
पर
देश
की
सुरक्षा
की
जिम्मेदारी
अमेरिका
के
युद्ध
विभाग
पर
अब
देश
की
राष्ट्रीय
सुरक्षा,
सैन्य
नीतियों
और
विदेशी
खतरों
से
सुरक्षा
की
जिम्मेदारी
होगी।
यह
विभाग
सेना,
नौसेना,
वायु
सेना,
मरीन
कॉर्प्स
और
अंतरिक्ष
सेना
का
संचालन
और
प्रबंधन
करेगा।
युद्ध
विभाग
की
जिम्मेदारी
में
युद्ध
रणनीति
बनाना,
शांति
स्थापना
के
कार्यक्रम,
आपदा
प्रबंधन,
हथियारों
और
डिफेंस
टेक्नोलॉजी
का
विकास
और
खरीद
फरोख्त
शामिल
हैं।
इसके
अलावा,
विभाग
अंतरराष्ट्रीय
सैन्य
गठबंधन
और
सहयोग
बढ़ाने
का
कार्य
भी
करेगा।
ये
भी
पढ़ें
PM
Modi
Xi
Jinping
Meet:
भारत-चीन
के
बीच
दोस्ती?
Trump
के
दिल
पर
क्यों
चली
छुरियां?
10
Point
में
नफा-नुकसान
1949
में
बदला
गया
था
नाम
युद्ध
विभाग
की
कहानी
थोड़ी
पुरानी
है।
सबसे
पहले
इसकी
स्थापना
पूर्व
राष्ट्रपति
जॉर्ज
वाशिंगटन
ने
की
थी।
उस
समय
इसका
मकसद
देश
की
सुरक्षा
और
सेना
की
मजबूत
संरचना
तैयार
करना
था।
बाद
में
साल
1947
में
राष्ट्रीय
सुरक्षा
अधिनियम
के
तहत
सेना,
नौसेना
और
वायु
सेना
को
एक
साथ
लाकर
इसे
और
अधिक
संगठित
बनाया
गया।
फिर
अगस्त
1949
में
इसका
नाम
बदलकर
रक्षा
विभाग
रख
दिया
गया,
ताकि
यह
सिर्फ
युद्ध
के
लिए
नहीं
बल्कि
देश
की
कुल
रक्षा
और
सुरक्षा
के
लिए
काम
करे।
लेकिन
अब,
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
के
आदेश
के
बाद
यह
विभाग
फिर
से
अपने
पुराने
नाम
‘युद्ध
विभाग’
के
नाम
से
जाना
जाएगा।
ट्रंप
के
मुताबिक,
वर्तमान
वैश्विक
परिस्थितियों
को
देखते
हुए
यह
नाम
ज्यादा
सटीक
और
जरूरी
था।
इसका
मुख्यालय
पेंटागन
में
है
और
पूरे
विभाग
का
नेतृत्व
रक्षा
सचिव
करता
है।
इसका
मतलब
यह
है
कि
अब
युद्ध,
सुरक्षा,
रणनीति
और
सेना
से
जुड़ी
सभी
जिम्मेदारियां
इसी
विभाग
के
अंतर्गत
आएंगी।
ये
भी
पढ़ें
Google
के
लिए
European
Union
से
क्यों
भिड़े
Donald
Trump?
बड़ी
कार्रवाई
की
दे
दी
धमकी
-

ट्रंप की पार्टी में भारत की ताकत देख हिल जाएगा पाकिस्तान! राष्ट्रपति ने बेस्ट फ्रेंड मस्क को भी रखा बाहर
-

‘हमने भारत को खो दिया’, पुतिन-मोदी और शी जिनपिंग को साथ देख ट्रंप को लगी मिर्ची
-

New GST Rates: बड़ी राहत! 22 सितंबर से इन चीजों पर नहीं लगेगा एक भी रुपया टैक्स, 0% GST वाले सामानों की लिस्ट
-

Bihar Bandh: ‘साड़ी- साया खोलकर परेड करवाऊंगा’, कौन है सारिका पासवान? तेजस्वी यादव ने क्यों किया जिक्र?
-

कौन है ये IPS अंजना कृष्णा? जिनकी अजित पवार से हुई गरमागरम बहस, डिप्टी सीएम बोले- इतनी हिम्मत तुम्हारी
-

‘मुझे लोग बुढ़िया कहते हैं’, 51 साल की मलाइका अरोड़ा का छलका दर्द, सरेआम हुई ऐसी हालत
-

PK Net Worth: ‘100 करोड़ फीस’ लेने वाले प्रशांत किशोर कितनी संपत्ति के हैं मालिक, कैसे कमाते हैं अथाह पैसा?
-

Aaj Ka Kanya Rashifal: काम की रहेगी टेंशन, बिगड़ सकती है सेहत
-

जर्सी गाय, निर्वस्त्र करने की धमकी पर क्यों चुप थे मोदी? Tejashwi Yadav ने पूछे PM से 10 तीखे सवाल
-

New GST Rates LIST: किन चीजों पर 5%, 18% और 40% टैक्स लगेगा? देखें पूरी लिस्ट, आपकी किसमें बचत?
-

GST Rates: किसानों को मोदी सरकार का दिवाली गिफ्ट! क्या-क्या हुआ सस्ता? अब मुनाफा होगा दोगुना
-

कौन हैं आशीष कपूर? रेप के आरोप में अरेस्ट किए गए टीवी एक्टर का इन 3 हसीनाओं से रह चुका है अफेयर

