असम की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अब अपने चरम पर पहुंच चुका है. एक तरफ महारथी हिमंता बिस्वा सरमा हैं जो विकास और सांस्कृतिक अस्मिता के रथ पर सवार होकर सत्ता की दूसरी पारी के लिए तैयारी में हैं तो दूसरी तरफ गौरव गोगोई की ललकार है जो अपने पिता की विरासत और कांग्रेस के पुराने राज को वापस पाने के लिए बेताब हैं. बीजेपी जीती तो यह उनकी हैट्रिक होगी लेकिन हिमंता का यह दूसरा कार्यकाल होगा. इस महामुकाबले के केंद्र में है असम की 38% मुस्लिम आबादी जिसका एक-एक वोट आज भविष्य की इबारत लिख रहा है. क्या हिमंता का अभेद्य किला इस बार भी सलामत रहेगा या फिर ब्रह्मपुत्र की लहरें गोगोई के पक्ष में सत्ता परिवर्तन का संदेश लेकर आएंगी? एग्जिट पोल बीजेपी की जीत की हैट्रिक का दावा कर रही है. असली नतीजा आ ईवीएम खुलने के बाद ही पता चलेंगे.
बीजेपी की हैट्रिक की संभावना, एग्जिट पोल के संकेत
अधिकांश एग्जिट पोल के आंकड़े सत्ताधारी भाजपा के पक्ष में एक मजबूत लहर की ओर इशारा कर रहे हैं.
· प्रचंड बहुमत का अनुमान: Axis My India और JVC जैसे प्रमुख पोलस्टर्स ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को 88 से 101 सीटों के बीच मिलने का अनुमान जताया है, जो 126 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है.
· विकास और पहचान का कार्ड: भाजपा का अभियान जाति-माटी-भेटी (पहचान, भूमि और संस्कृति) और अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख पर केंद्रित रहा है. साथ ही, अरुणोदय जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने भी हिमंता बिस्वा सरमा की स्थिति को मजबूत किया है.
· परिमार्जन का प्रभाव: 2023 में हुए निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण को एक बड़ा गेम चेंजर माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन सीटों की संख्या कम हो गई है जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते थे (लगभग 35 से घटकर 23).
कांग्रेस का ‘राज’ और मुस्लिम फैक्टर
पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की विरासत को आगे बढ़ाते हुए गौरव गोगोई ने इस चुनाव को विभाजनकारी राजनीति बनाम सुशासन की लड़ाई बना दिया है.
· मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण: 38% मुस्लिम आबादी वाले इस राज्य में कांग्रेस को उम्मीद है कि AIUDF के कमजोर होने से मुस्लिम वोट पूरी तरह उनकी झोली में आएंगे. एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिलने का अनुमान है जो पिछली बार की तुलना में कुछ सुधार तो दिखाता है लेकिन सत्ता तक पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं दिखता.
· बदरुद्दीन अजमल को झटका: एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि AIUDF (बदरुद्दीन अजमल) का आधार खिसक रहा है और पार्टी 0-2 सीटों तक सिमट सकती है.
निर्णायक 38% मुस्लिम आबादी और चुनावी समीकरण
असम का चुनाव भौगोलिक और जनसांख्यिकीय रूप से दो हिस्सों में बंटा नजर आता है:
1. अपर असम: यहां मुस्लिम आबादी कम है और भाजपा का सांस्कृतिक गौरव का नारा यहां सबसे ज्यादा असरदार है.
2. लोअर और मिडिल असम: यहां मुस्लिम आबादी निर्णायक है. गौरव गोगोई के लिए यहां क्लीन स्वीप करना अनिवार्य था लेकिन परिसीमन के बाद भाजपा ने यहां भी सेंध लगाने की रणनीति अपनाई है.
आज के नतीजे तय करेंगे कि क्या हिमंता बिस्वा सरमा का हिंदुत्व और विकास का मॉडल 38% मुस्लिम आबादी वाले राज्य में फिर से सफल होता है या गौरव गोगोई मुस्लिम वोटों के साथ-साथ चाय जनजातियों और असमिया भाषियों का भरोसा जीतकर सत्ता में वापसी करते हैं. एग्जिट पोल की मानें तो बीजेपी हैट्रिक की ओर बढ़ते दिख रहे हैं लेकिन अंतिम फैसला आज ईवीएम में कैद असम के करोड़ों मतदाताओं के हाथों में है.

