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Asaduddin Owaisi on SIR process: ओवैसी ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए, कहा पर्याप्त समय और पारदर्शी तंत्र जरूरी है. उन्होंने इसे ‘बैकडोर NRC’ बताया, जिससे गरीब और प्रवासी मजदूरों के मताध…और पढ़ें
ओवैसी ने कहा है कि चुनाव आयोग एसआईआर के लिए पूरा समय नहीं दे रहा है.
हाइलाइट्स
- ओवैसी ने SIR प्रक्रिया पर पारदर्शिता की मांग की.
- उन्होंने इस प्रक्रिया को ‘बैकडोर NRC’ बताया.
- प्रवासी मजदूरों के लिए अलग तंत्र की मांग की.
ओवैसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आयोग ने जून 2025 तक रोहतास में वेरिफिकेशन किया था, लेकिन अचानक चंद दिनों में 1.69 करोड़ लोगों के नाम जमा करने का लक्ष्य रखा गया. उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार जैसे घनी आबादी और कम कनेक्टिविटी वाले राज्य में इतने कम समय में यह प्रक्रिया कैसे पूरी हो सकती है? AIMIM के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने दस्तावेजी सबूतों की जटिलता पर जोर देते हुए कहा कि गरीब, खासकर सीमांचल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के पास अपने और माता-पिता के जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज नहीं हैं. ओवैसी ने 2005 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले (लाल बाबू हुसैन केस) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि मतदाता सूची से किसी का नाम बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जा सकता. उन्होंने आयोग से पूछा कि 2024 के लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची को क्वालीफाइंग लिस्ट क्यों नहीं माना जा रहा?
ओवैसी के सवाल
ओवैसी ने इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए अलग तंत्र विकसित करने की मांग की, जिनके पास दस्तावेजों की कमी है. ओवैसी ने यह भी बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को उचित प्रशिक्षण और हैंडबुक नहीं दी गई, जिससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रक्रिया ‘बैकडोर NRC’ की तरह है, जो वैध नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित कर सकती है. विपक्षी दलों खासकर बिहार में महागठबंधन के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर आयोग से मुलाकात की है. आयोग के इस कदम के विरोध में बुधवार नौ जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया गया है. लेकिन, ओवैसी ने जिस तरह के आयोग के इस कदम से सहमति जताई है उससे यही लगता है कि राज्य में विपक्ष इस मसले पर बिखर गया है. आयोग से ओवैसी की केवल इतनी शिकायत है इस काम को जल्दबाजी में किया जा रहा है. अगर इसके लिए पर्याप्त समय दिया जाता तो उनको कोई आपत्ति नहीं होती.
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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