बीएसएफ ने पूरे इलाके की स्टडी की
सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर में पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनावों से पहले कई आतंकवादी हमले हुए थे, इसके बाद BSF ने इस पूरे इलाके की स्टडी की। जुलाई-अगस्त 2024 से इस 33 किलोमीटर वाले स्पॉट में से अभी तक 25 किलोमीटर के एरिया में जरूरत के मुताबिक खुदाई और खाई बनाने के साथ ही कंक्रीट की दीवार से इलाके को बेहद मजबूत बना दिया है।
अब यहां से आतंकी सुरंग खोदकर घुसपैठ नहीं पाएंगे। BSF अधिकारियों का कहना है कि बाकी बचे 8 किलोमीटर एरिया में सुरंग बनाने के मंसूबों को पूरी तरह से फेल करने का काम दो महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। BSF ऐसी तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है जिससे जमीन में 10 फीट नीचे तक बनी किसी भी सुरंग का पता लगाया जा सकता है।
और भी सेक्टर्स की हो रही है स्टडी
BSF जम्मू-कश्मीर के उन तमाम इलाकों की स्टडी कर रही है जो पाकिस्तान बॉर्डर से लगते हैं। वहां कहीं से भी पाकिस्तानी धरती से सुरंग खोदकर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे तमाम ब्लैक स्पॉट को स्थायी रूप से बंद करने का काम करना शुरू कर दिया है। आमतौर पर सुरंग किसी मशीन से नहीं बल्कि मैनुअली खोदी हुई मिली हैं। सुरंग इतनी चौड़ी होती है कि उनमें से आदमी रेंगते हुए पार कर सकते हैं। ऑक्सिजन पाइप डाले जाते हैं। जरूरत के मुताबिक, अंदर रेत की बोरियां और अन्य चीजें लगाई जाती हैं, ताकि सुरंग धंस ना जाए।

