उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के सूरज विश्वकर्मा ने पहले ही प्रयास में लोको पायलट की परीक्षा पास कर यह मुकाम हासिल किया है. उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह पहली ही कोशिश में लोको पायलट बन सकेंगे, लेकिन उन्होंने परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार कर लिया. हालांकि, उनका संघर्ष यहीं खत्म नहीं होने वाला है. अब वह पीसीएस की तैयारी कर अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं. आइए जानते हैं उनके संघर्ष की पूरी कहानी.
पहले ही प्रयास में क्वालिफाइड की लोको पायलट परीक्षा
लोकल 18 से बात करते हुए सूरज विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी प्रारंभिक पढ़ाई आसपास के स्कूलों से हुई है. इंटरमीडिएट उन्होंने टाउन इंटर कॉलेज, मुहम्मदाबाद गोहना से किया, जबकि उच्च शिक्षा राजकीय पॉलिटेक्निक, आजमगढ़ से हासिल की. इसके बाद उन्होंने पहली ही कोशिश में लोको पायलट की परीक्षा क्वालिफाइड कर ली.
हालांकि, उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. वह आगे पीसीएस की तैयारी करना चाहते हैं और जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने का सपना देखते हैं. सूरज ने बताया कि उन्हें रेलवे काफी पसंद है, इसलिए उन्होंने पहले लोको पायलट बनने का फैसला किया.
लोको पायलट बनने के बाद पीसीएस का सपना
सूरज विश्वकर्मा का लोको पायलट बनना सपना था और इसे साकार करने में उनके परिवार का काफी सहयोग रहा. उनका कहना है कि अगर परिवार का साथ नहीं मिलता तो शायद वह इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते.
उन्होंने करीब 8 से 9 महीने तक परीक्षा की तैयारी की और पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर ली. पढ़ाई के दौरान वह अपना ज्यादातर समय तैयारी में ही देते थे और परिवार व दोस्तों से भी काफी दूरी बनाए रखते थे. उनका लक्ष्य था कि लंबे समय तक तैयारी करने के बजाय पहली ही कोशिश में परीक्षा पास की जाए. इसी मेहनत का नतीजा रहा कि उन्होंने पहली कोशिश में ही लोको पायलट की परीक्षा क्वालिफाइड कर ली.
परीक्षा पास करने में टीचर और परिवार का रहा सहयोग
सूरज विश्वकर्मा का कहना है कि परीक्षा को लेकर उनके मन में डर जरूर था कि वह पास होंगे या नहीं, लेकिन उन्हें भरोसा था कि वह सफल जरूर होंगे. उन्हें किसी विषय से विशेष परेशानी नहीं हुई. परीक्षा पास करने में उनके शिक्षकों और परिवार का विशेष सहयोग रहा.
जब वह परीक्षा पास करने के बाद घर पहुंचे तो परिवार को सरप्राइज देने पर वहां बधाई देने वालों का तांता लग गया. नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक गुप्ता डायमंड भी गुलदस्ता और कप लेकर उनका स्वागत करने पहुंचे. सूरज के लिए यह बेहद गौरव का पल था. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की गोद में खेलकर वह बड़े हुए, आज उन्हीं के हाथों सम्मान मिलना उनके लिए बेहद खुशी की बात है.
चेयरमैन प्रतिनिधि दीपक गुप्ता ने किया स्वागत
दीपक गुप्ता डायमंड ने बताया कि सूरज विश्वकर्मा उनके पड़ोस के ही रहने वाले हैं और बचपन से ही छोटे भाई की तरह रहे हैं. उन्होंने कहा कि सूरज का चयन उनके साथ-साथ पूरे नगर पंचायत के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि सूरज अपने पीसीएस बनने के सपने को भी जरूर साकार करेंगे. उन्होंने कहा कि भविष्य में सूरज जैसे किसी भी छात्र को जरूरत पड़ने पर वह आर्थिक मदद समेत हर संभव सहयोग करेंगे, ताकि वह अपने भविष्य को बेहतर बना सके और अपने परिवार के साथ पूरे नगर पंचायत का नाम रोशन कर सके.

