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Mandi Golikand: डी में पुलघराट लूटपाट और गोलीकांड मामले में पुलिस ने तीन दिन में आरोपियों अजमल और आजम को गिरफ्तार किया. दोनों आरोपी यूपी के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और मंडी में मजदूरी करते थे.
मंडी में ढाबा गोलीकांड के आरोपी गिरफ्तार.
हाइलाइट्स
- मंडी पुलिस ने 3 दिन में ढाबा गोलीकांड के आरोपियों को पकड़ा.
- आरोपियों ने बिना नंबर प्लेट वाली बाइक का इस्तेमाल किया.
- पुलिस ने 180 किमी तक सर्च ऑपरेशन कर आरोपियों को गिरफ्तार किया.
मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर के पुलघराट में 21 मार्च की रात को लूटपाट और गोलीकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा दिया. आरोपियों को तीन दिन के अंदर गिरफ्तारी हुई है. ये दोनों आरोपी सगे भाई अजमल और आजम यूपी के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और पिछले लंबे समय से ये बल्ह के रत्ती में रह रहे हैं और यहां पर मजदूरी का काम करते हैं. मंडी पुलिस ने बीती रात को इन्हें नेरचौक से गिरफ्तार किया है. मामले में अब खुलासे भी हुए हैं. आइये हम आपको इस पूरे गोलीकांड को कैसे सुलझाया, इसके बारे में बताते हैं.
मंडी की एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि गोलीकांड का यह मामला पुलिस के लिए पूरी तरह से ब्लाइंड केस था. आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से घटना को अंजाम दिया और अपराध में बिना नंबर प्लेट वाली बाइक का इस्तेमाल किया था. वारदात के समय न तो ढाबा मालिक ने इन दोनों को सही से देखा था और ना ही सामने आए सीसीटीवी फुटेज से इनकी कोई पहचान हो पाई थी, जिससे पुलिस के लिए यह मामला पूरी तरह से पेचीदा हो गया था.
पुलिस ने पहले मनाली से लेकर हिमाचल बॉर्डर तक 180 किमी के दायरे में आईटीएमएस और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला. यहां से जब कुछ सुराग मिला तो एएसपी सचिन हिरेमठ की अध्यक्षता में 4 जांच दलों के साथ एक विशेष जांच टीम का गठन किया. 24 मार्च को गठित टीम ने विभिन्न फुटेज को खंगालने के बाद अपराध में शामिल की गई बाइक की पहचान की. इसके बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए, अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और बीती रात को इन्हें नेरचौक से गिरफ्तार किया. आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद अजमल और 19 वर्षीय आजम पुत्र मोहम्मद असलम, जिला मुजफ्फरपुर यूपी के रूप में हुई है. पकड़े गए दोनों आरोपी सगे भाई हैं और बल्ह के रत्ती में किराए के कमरे में रहते हैं. ये दोनों यहां एल्यूमिनियम फिटर का काम करते हैं.
भुंतर में दिखी बाइक और फिर नंबर प्लेट गायब
पुलिस ने इस मामले में मनाली से लेकर बिलासपुर के फोरलेन के अंत तक सारे कैमरे खंगाले तो पुलिस को भुंतर में आरोपियों की बाइक स्पॉट हुई. फिर आगे लगे सीसीटीवी में बाइक की नंबर प्लेट उतार दी गई. इस दौरान घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मंडी और नेरचौक के बीच हाईवे को छोड़कर संपर्क मार्ग से भागे. अहम बात है कि आरोपी क्योंकि दो साल से मंडी में रह रहे थे, इसलिए उन्हें रास्तों की जानकारी थी. बाद में पुलिस ने मोबाइल टावर का डंप डाटा खंगाला तो रात के समय कुछ नंबर एक्टिव पाए गए, जिनमें से दोनों आरोपियों के नंबर भी मिले और फिर पुलिस दोनों के किराये के घर तक जा पहुंची और उनकी गिरफ्तारी हुई. पुलिस को मौके पर बाइक भी मिली है. बताया जा रहा है कि बाइक के साथ भी छेड़छाड़ की गई है और उसका नंबर भी फर्जी पाया गया है.
एसपी मंडी ने बताया कि पुलिस को शक है कि इन्होंने घटना को अंजाम देने के लिए चेसिस नंबर बदलकर मॉडिफाइड बाइक का इस्तेमाल किया है, जिसकी जांच जारी है. साथ ही पुलिस ने इनसे जो कट्टा बरामद किया है, उसकी जांच भी विशेषज्ञों द्वारा की जानी अभी बाकी है. इसके अलावा मुजफ्फरपुर पुलिस से भी इनकी आपराधिक हिस्ट्री मांगी गई है. किस इरादे से इन दोनों ने लूटपाट व गोलीकांड की इस घटना को अंजाम दिया है, इसका खुलासा पुलिस पूछताछ में होना अभी बाकी है.
क्या है मामला
गौरतलब है कि मंडी में पुलघराट के पास आरोपियों ने एक ढाबा संचालक पर देसी कट्टे से फायरिंग की थी और उससे छर्रे लगने से ढाबा मालिक घायल हो गया था. आरोपियों ने रात को पहले तीन खाने पैक करने का ऑर्डर दिया था. हालांकि, बाद में फायरिंग कर दी और 6 हजार रुपये भी लूट लिए. अहम बात है कि आरोपियों ने मामले में भ्रमित करने के लिए पंजाबी भाषा में बात की. क्योंकि हिमाचल प्रदेश और पंजाब में खालिस्तान समर्थकों के बीच विवाद चल रहा है और इसी का फायदा उठाते हुए भ्रमित किया.

