Traffic Rules: आपके पास वाहन है. कार और बाइक्स हैं. कमर्शियल व्हीकल्स हैं, पर क्या आपको ट्रैफिक से जुड़े सभी नियमों की जानकारी है. बहुत सारे नियम तो ऐसे हैं, जिनके बारे में जानकारी नहीं होती है, पर उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है. मसलन यदि आप कार के अंदर सिगरेट पी रहे हैं तो आपका चालान हो जाएगा. यदि कोई वाहन चालक रियर-व्यू मिरर का ठीक से इस्तेमाल कर रहा है तब भी उसका चालान कट जाएगा. किसी वाहन पर बिना इजाजत के विज्ञापन लगाया गया है और छानबीन के दौरान इसका पता चल गया तब भी इसका खामियाजा भुगतना होगा. ऐसे कई ट्रैफिक रिलेटेड ऑफेंस हैं, जिसके लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से हर साल हजारों की तादाद में चालान काटे जाते हैं. इसके चलते लोगों को लाखों-करोड़ों रुपये की चपत लगती है.
देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस सिर्फ तेज रफ्तार वालों पर ही नजर नहीं रख रही, बल्कि ऐसे छोटे-छोटे उल्लंघनों पर भी कार्रवाई कर रही है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. कार में तेज आवाज में गाना बजाना, गाड़ी में बैठकर धूम्रपान करना, बिना वाइपर गाड़ी चलाना, निजी वाहन से सामान ढोना या गाड़ी को चलती-फिरती विज्ञापन दीवार बनाना, इन सब पर भी भारी चालान कट रहे हैं. इन छोटे-मोटे (Lsser Known) नियमों का उल्लंघन करने पर ₹500 से ₹1,500 तक का जुर्माना लग सकता है. ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, लोग आमतौर पर ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जम्प, ड्रंक ड्राइविंग या सीट बेल्ट न पहनने को ही बड़ा ट्रैफिक अपराध मानते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई छोटे चालान रोजाना काटे जा रहे हैं.
धूम्रपान और तेज संगीत पर कितना जुर्माना?
कार में धूम्रपान करना न सिर्फ सार्वजनिक जगह पर स्मोकिंग माना जाता है, बल्कि इससे आग लगने का खतरा भी होता है. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार 500 रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर 1,500 रुपये का जुर्माना है. तेज आवाज में संगीत बजाने पर भी यही जुर्माना लगेगा. इससे सड़क का शोर दब जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ता है. इस साल 15 नवंबर तक 202 चालान कटे, जबकि 2024 में यह संख्या 149 थी.
वाहनों पर बिना अनुमति के विज्ञापन लगाने पर भी चालान काटने का प्रावधान है. (फाइल फोटो/PTI)
क्या बिना अनुमति विज्ञापन लगाना भी अवैध?
2025 में 28,495 लोगों पर गाड़ियों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाने का चालान हुआ, जो पिछले साल के 5,698 मामलों की तुलना में कई गुना ज्यादा है. निजी वाहनों में सामान ढोने पर भी कार्रवाई होती है. इस साल ऐसे 4,362 मामलों में चालान काटे गए. पीछे देखने वाले शीशों (रियर-व्यू मिरर) के गलत इस्तेमाल पर 150 से ज्यादा लोगों पर जुर्माना लगा.इसके चलते रश ऑवर में बसों के पीछे दौड़कर फुटबोर्ड से लटकने वालों पर भी कार्रवाई हुई. इस साल 61 लोग पकड़े गए, जबकि 2024 में यह संख्या 17 थी.
क्या जुगाड़ वाहनों और मोबाइल में वीडियो देखने पर भी फाइन?
बाजारों में आमतौर पर दिखने वाले जुगाड़ वाहन बिना सुरक्षा मानकों के चलते हैं. 2025 में ऐसे 788 चालान हुए, जबकि पिछले साल 135 थे. ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल पर वीडियो देखने पर 72 लोगों पर जुर्माना लगा. 30 लोग बिना हॉर्न वाली गाड़ी चलाते पकड़े गए. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस आलाधिकारियों का कहना है कि इन परेशानियों को रोकने के लिए नियमित अभियान चलाए जाते हैं. जनता को जागरूक करने पर भी जोर दिया जाता है.

