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एक हैरान करने वाला मामले में प्यार की कहानी ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया. एक युवक अपनी प्रेमिका और उसकी दूसरी दोस्त के बीच उलझा हुआ था. रिश्तों के इस लव ट्रायंगल ने ऐसा रूप लिया कि दो शहरों के पुलिस कमिश्नरों तक को इसकी जांच में दखल देना पड़ा. दूसरे युवक को फंसाने के लिए उसके नाम से कमिश्नर को धमकी भरे ई-मेल भेज दिए गए.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. नई दिल्ली. लव ट्रायंगल की कई कहानियां आपने और हमने सुनी होंगी. अक्सर अपने प्यार को दूसरे के हाथों जाता देख युवा खूनी खेल खेलने से भी पीछे नहीं हटते. दिल्ली में लव ट्रैंगल का ताजा खेल इतना खतरनाक था कि दूसरे शख्स को फंसाने के लिए युवक ने दो शहरों के पुलिस कमिश्नर को धमकी भरे ई-मेल भेज डाले. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की तो इस पूरे कांड का पता चल सका. दरअसल, आरोपी युवक अपनी लवर के साथी को पुलिस कमिश्नर को धमकी भरा ई-मेल भेजने के केस में फंसाना चाहता था, लेकिन पुलिस अंतत: सच्चाई तक पहुंच ही गई.
दिल्ली-बेंगलुरु कमिश्नर को धमकी
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम केस सुलझाया है. यह मामला एक ऑनलाइन लव ट्रायंगल और निजी रंजिश से जुड़ा है. एक 22 वर्षीय लड़के ने दूसरे लड़के को सबक सिखाने के लिए भयानक साजिश रची. उसने आतंकी संगठन के नाम पर दिल्ली और बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नरों को धमकी भरे ईमेल भेजे. क्राइम ब्रांच ने आरोपी अभय शी को गिरफ्तार किया है. अभय एक महिला दोस्त को लेकर मोहित नामक लड़के से ऑनलाइन बहसबाजी कर रहा था. जब वह उस लड़की का जानू नहीं बन पाया, तो उसने बदले की आग में यह साइबर षड्यंत्र रचा.
300 करोड़ की उगाही केस में फंसाया
मामले की शुरुआत 7 दिसंबर को हुई जब दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पास धमकी भरा मेल आया. मेल भेजने वाले ने खुद को प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जोड़ा. मेल में 300 करोड़ रुपये की उगाही मागी गई थी और एक मोबाइल नंबर दिया गया था. मामले की संवेदनशीलता के चलते तुरंत जांच शुरू की गई. डीसीपी क्राइम ब्रांच की टीम ने नंबर ट्रेस किया. लोकेशन गुरुग्राम की निकली, जहां 23 वर्षीय मोहित मिला. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि जिसे पुलिस तलाश रही थी वह खुद शिकार था. मोहित को लगातार फर्जी कॉल, धमकी भरे मेल और उसके नाम से साइबर शिकायतें भेजी जा रही थीं. मोहित ने बताया कि बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर को भेजे गए मेल में भी उसका नंबर इस्तेमाल किया गया था. यहां तक कि राजस्थान पुलिस (गंगानगर) को भी उसके नाम से बम धमाके और रेप-मर्डर की फर्जी धमकी भेजी गई थी.
तीनों की कभी आपस में नहीं हुई मुलाकात
मोहित के बयान के बाद पुलिस ने साकेत (दिल्ली) से अभय शी को पकड़ा. क्राइम ब्रांच के सामने अभय ने सारा सच उगल दिया. उसने मोहित से हुई ऑनलाइन रंजिश के चलते यह सब किया. असल में मोहित की एक लड़की से ऑनलाइन दोस्ती हुई थी. यह बात अभय को नागवार गुजरी. अभय ने VPN और स्पूफिंग टूल का उपयोग किया. उसने मोहित को फंसाने के लिए फर्जी ईमेल आईडी बनाई. उसकी नाराजगी इतनी गहरी थी कि उसने पूरे देश की कानून-व्यवस्था को खतरे में डाल दिया. पुलिस ने बताया कि तीनों लोग (अभय, मोहित और लड़की) कभी मिले नहीं थे. यह इंटरनेट पर पनपी एकतरफा रंजिश का खतरनाक परिणाम था.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

