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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया. यूरोप यात्रा पर गए जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से फोन पर बात की है.
थरूर ने कहा कि अमेरिका को बयान में भारतीयों की मौत पर दुख जाहिर करना चाहिए था. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की फोन पर हुई बातचीत को लेकर अमेरिका की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने निशाना साधा है. अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीयों को लेकर किसी तरह की कोई संवेदना जाहिर ना करने पर थरूर ने रुबियो को आड़े हाथ लिया. उन्होंने जयशंकर को भी इस मुद्दे पर घेरा.
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अमेरिका का यह आधिकारिक बयान पढ़कर गहरा सदमा लगा है, जिसमें बेगुनाह भारतीयों की जान जाने पर अफ़सोस या संवेदना का ज़रा भी ज़िक्र नहीं है. कोई ‘दोस्त’ और रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है? क्या नियमों का पालन न करने वाले कमर्शियल जहाज़ को किसी दूसरे, जान न लेने वाले तरीके से नहीं रोका जा सकता था? क्या आम क्रू सदस्यों को मारने के मकसद से मिसाइल दागे बिना जहाज़ के प्रोपल्शन या स्टीयरिंग को बेकार नहीं किया जा सकता?”
उन्होंने आगे कहा, “इन अहम समुद्री रास्तों से गुज़रने वाले लगभग हर मर्चेंट जहाज़ पर भारतीय क्रू सदस्य होते हैं. क्या अब अमेरिकी मिसाइलों के लिए वे सब भी आसान शिकार माने जाएंगे? यह रवैया मंज़ूर करने लायक नहीं है और मुझे उम्मीद है कि एस. जयशंकर ने मार्को रुबियो ये यह बात कही होगी.”
जयशंकर ने रुबियो के सामने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा
हालांकि, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया. यूरोप यात्रा पर गए जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से फोन पर बात की थी.
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई. मैंने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दोहराया हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है.” उन्होंने कहा, “वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है.”
भारत ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था और उन्हें बताया था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं. आठ जून को अमेरिकी बलों ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मैरीवेक्स’ पर हमला किया था. इस जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
इसके बाद 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर हमला किया, जिस पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई. इसके अलावा, गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर ‘जलवीर’ पर भी बृहस्पतिवार को हमला हुआ था. इस जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

