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TEJAS PROGRAM: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने निर्णायक भूमिका निभाई है. भविष्य में उन्नत किस्म के लड़ाकू विमानों की जरूरत देश को पड़ने जा रही है. पहले ही वायुसेना फाइटर स्क्वॉड्रन की कमी से जूझ रहा ह…और पढ़ें
जल्द शुरू होगी तेजस के एडवांस वर्जन की डीलिवरी
हाइलाइट्स
- HAL ने 6 LCA Mk 1A फाइटर जेट तैयार किए.
- PMO ने तेजस कार्यक्रम की समीक्षा की.
- जनरल इलेक्ट्रिक इंजन की डिलिवरी शुरू हुई.
इंजन की देरी से प्रोजेक्ट लेट
भारत का फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम अभी तक धीमी गति से चल रहा था, लेकिन अब इसमें तेजी आ रही है. दो साल से जो इंजन का इंतजार HAL कर रही थी, वह अब खत्म हो रहा है. जनरल इलेक्ट्रिक इंजन की डिलिवरी शुरू हो गई है. प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ मिश्रा ने अपने दौरे के दौरान F404-IN20 को भी देखा. यह पहली बार था जब इस इंजन की झलक दिखाई दी. भारत के तेजस मार्क 1A प्रोग्राम के लिए इंजन की डील अमेरिकी इंजन निर्माता कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ साल 2021 में की गई थी. इस डील के तहत कुल 99 F404 इंजन की सप्लाई भारत को होनी है. कंपनी की तरफ से इंजन की डिलिवरी शुरू ना होने के चलते यह प्रोग्राम फंसा हुआ था. फाइटर ना मिल पाने के चलते भारतीय वायुसेना प्रमुख ने भी नाराजगी जताई थी.
जनरल इलेक्ट्रिक इंजन की डिलिवरी शुरू करने के दौरान बयान जारी किया था कि ‘हम HAL को LCA तेजस के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन डिलिवर करने के लिए उत्साहित थे. साल 2004 में F404-IN20 को तेजस के लिए चुना गया. 2016 तक भारत को सभी 65 इंजन डिलिवर किए जा चुके थे. दूसरा ऑर्डर ना होने के चलते प्रोडक्शन लाइन को बंद कर दिया गया था. लेकिन साल 2021 में HAL की तरफ से 99 इंजन का ऑर्डर आया तो प्रोडक्शन लाइन को फिर से शुरू किया गया. एयरो इंडिया 2025 में HAL के CMD ने साफ किया था कि इस कैलेंडर ईयर में 12 और इंजन मिल जाएंगे. साल 2031 तक 83 तेजस मार्क 1A मिल जाने का दावा किया है.
फाइटर की कमी होगी पूरी
तेजस के तीन वेरिएंट हैं – पहला है तेजस मार्क-1, तेजस मार्क 1A और तेजस ट्रेनर एयरक्राफ्ट. चौथे वेरिएंट यानी तेजस मार्क-2 जो कि सबसे एडवांस्ड वर्जन है, उस पर काम जारी है. मौजूदा फाइटर स्क्वॉड्रन की कमी को पूरा करने के लिए स्वदेशी तेजस पर ही पूरा फोकस है. फिलहाल 40 के करीब एयरक्राफ्ट भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो गए हैं. दो स्क्वॉड्रन अब तक स्थापित किए जा चुके हैं. स्वदेशी निर्मित 83 तेजस Mk-1A के लिए HAL से करार हो गया है. इंजन की उपलब्धता ना होने के चलते अभी 83 विमानों में से एक भी डिलीवरी शुरू नहीं हुई है. 97 अतिरिक्त तेजस Mk-1A की खरीद को रक्षा खरीद परिषद की तरफ से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. इसके अलावा तेजस Mk-2 पर काम तेजी से जारी है. लगभग 120 एयरक्राफ्ट लिए जाने हैं.
एयरोस्पेस के कई स्वदेशी प्रोग्राम का भी लिया जायजा
डॉ. मिश्रा ने HAL के दूसरे स्वदेशी एयरक्राफ्ट का भी जायजा लिया, जिसमें लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH), लाइट एडवांस हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव और हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर (HTT-40) शामिल थे. HAL के एयरोस्पेस डिविजन में उनका स्वागत ISRO चेयरमेन डॉ वी नारायनन ने किया, यहां पर उन्होंने GSLV Mk 3 और PSLV के असेंबली शॉप को देखा. इसके अलावा प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने गगनयान मिशन के लिए HAL की तैयारियों का भी जायजा लिया. HAL के मुताबिक, डॉ मिश्रा ने इंटीग्रेटेड क्रायोजेनिक इंजन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का भी निरीक्षण किया.

