पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया पर “जिबली फोटोएं” छाई हुई हैं. क्योंकि Ghibli स्टूडियो ने इस शैली की तस्वीरें बनाने की इजाजत एआई को दी है. चूंकि ये फीचर ग्रोक और चैपजीपीटी एआई में अभी आया है, लिहाजा लोग बहुत ज्यादा बना रहे हैं. ये ट्रेंड वायरल हो गया है. लोग काफी तादाद में एआई-जनित इमेज जेनरेशन टूल्स के जरिए अपनी साधारण तस्वीरों को Ghibli-शैली के सपनीले, रंगीन और विस्तृत एनीमेशन पोर्ट्रेट्स में बदलकर शेयर कर रहे हैं.
स्टूडियो Ghibli क्या है?
स्टूडियो Ghibli जापान का एक प्रसिद्ध एनीमेशन स्टूडियो है, जिसे तीन दिग्गजों ने मिलकर स्थापित किया था. यह अपनी खूबसूरत कहानियों, पेस्टल रंगों, और प्रकृति से प्रेरित कला के लिए जाना जाता है. भारत में इसकी शैली को एआई टूल्स के जरिए नया रूप दिया जा रहा है, जिसे “Ghibli-शैली” कहा जा रहा है. स्टूडियो Ghibli की फिल्में, जैसे Spirited Away और My Neighbor Totoro, पहले से ही भारत में एनीमेशन प्रेमियों के बीच मशहूर हैं. “घिबली” नाम इतालवी शब्द “Ghibli” से आया है, जिसका अर्थ है “सहारा रेगिस्तान की गर्म हवा”.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिबली स्टाइल में तस्वीर. (Courtesy X)
भारत में इसके वायरल होने का मोदी से क्या रिश्ता
28 मार्च 2025 को सरकार ने पीएम मोदी की 12 Ghibli-शैली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसमें उन्हें विभिन्न वैश्विक नेताओं के साथ दिखाया गया. इस पोस्ट के बाद तो भारत में ये ट्रेंड हो गया और तेजी से वायरल होने लगा. भारत सरकार ने MyGovIndia के सोशल मीडिया हैंडल पर पीएम मोदी की ये Ghibli-शैली की तस्वीरें शेयर कीं.
इसे न्यूज़ आउटलेट्स ने खूब कवर किया, जिससे ट्रेंड की चर्चा और बढ़ी. हालांकि भारत में “जिबली” (Studio Ghibli-शैली) ट्रेंड के पीछे केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही वजह हैं. ये कहना भी ठीक नहीं होगा. हालांकि उनकी भागीदारी ने इसे निश्चित रूप से बढ़ावा दिया. ये ट्रेंड एक व्यापक वैश्विक और तकनीकी घटना का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत और लोकप्रियता के कई कारण हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिबली स्टाइल की तस्वीर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ (Courtesy X)
ये सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हो गया
OpenAI के ChatGPT-4o जैसे टूल्स ने हाल ही में इमेज जेनरेशन की क्षमता को बढ़ाया, जिससे लोग अपनी तस्वीरों को स्टूडियो Ghibli के जरिए उसी शैली में बदलने लगे. भारत में ये फीचर शायद मार्च 2025 के आसपास वायरल हुआ. अब ये आम लोगों के लिए सुलभ है. ग्रोक में भी ये फीचर शुरू हो गया है.
इंस्टाग्राम, X, और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर Ghibli-शैली की तस्वीरें शेयर करने का चलन तेज़ी से फैला. ये एक वैश्विक ट्रेंड था, जो भारत में भी पहुंचा, क्योंकि यहाँ के यूजर्स हमेशा नए और रचनात्मक ट्रेंड्स को अपनाने में आगे रहते हैं.
घिबली स्टूडियो के एक्स हैंडल की एक तस्वीर (Courtesy official handle of Ghibli on X)
ये फोटोएं कैसे बनती हैं?
ये तस्वीरें मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स जैसे Open AI के ChatGPT 4O या अन्य इमेज जेनरेशन सॉफ्टवेयर के जरिए बनाई जाती हैं. यूजर्स अपनी सामान्य फोटो अपलोड करते हैं. एआई उन्हें Ghibli-शैली में बदल देता है. आप चैटजीपीटी और ग्रोक3 में फोटो अटैच करने की जगह पर जाकर अपनी फोटो अटैच करें और वहां कमांड दे दें कि इस फोटो को Ghibli स्टाइल में कन्वर्ट कर दें. आपके ये लिखते ही आपकी तस्वीर कुछ ही समय में बदलकर जिबली स्टाइल में आ जाएगी.
जिबली स्टूडियो को किन तीन लोगों ने शुरू किया
जापानी एनीमेशन स्टूडियो जिबली की स्थापना 1985 में टोक्यो में हुई थी. इसे तीन प्रमुख व्यक्तियों ने मिलकर शुरू किया था.
हायाओ मियाज़ाकी (Hayao Miyazaki) – एक मशहूर एनीमेशन डायरेक्टर, लेखक और कलाकार, जिन्हें स्टूडियो की आत्मा माना जाता है.
इसाओ ताकाहाता (Isao Takahata) – एक और प्रतिभाशाली डायरेक्टर, जिन्होंने स्टूडियो के लिए कई यादगार फिल्में बनाईं.
तोशियो सुजुकी (Toshio Suzuki) – निर्माता, जिन्होंने स्टूडियो को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने में मदद की.
तोक्यों के कोगनेई में स्टूडियो जिबली का मुख्यालय. (wiki commons)
ये स्टूडियो क्या करता है?
स्टूडियो Ghibli एनिमेटेड फिल्में और शॉर्ट्स बनाता है, जो अपनी अनूठी कहानियों, गहरे भावनात्मक प्रभाव, और हाथ से बनाई गई खूबसूरत कला के लिए प्रसिद्ध हैं. इसकी कुछ लोकप्रिय फिल्में
Spirited Away (2001) – एक जादुई दुनिया की कहानी, जिसने ऑस्कर जीता.
My Neighbor Totoro (1988) – एक प्यारी और साधारण कहानी जो स्टूडियो का प्रतीक बन गई.
Princess Mononoke (1997) – प्रकृति और मानव के बीच संघर्ष की गहरी कहानी.
Grave of the Fireflies (1988) – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दो भाई-बहनों की मार्मिक कहानी
स्टूडियो की खासियत यह है कि वे पारंपरिक हाथ से ड्रॉइंग वाली एनीमेशन तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, हालांकि बाद में उन्होंने डिजिटल तकनीकों को भी अपनाया. उनकी फिल्में बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आती हैं, क्योंकि इनमें सादगी के साथ गहरे दार्शनिक तत्व भी होते हैं. स्टूडियो एक Ghibli थीम पार्क भी चलाता है, जो जापान में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है.

