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Anti-Dumping Fee : भारत और चीन के बीच बढ़ती दोस्ती के साथ-साथ अविश्वास की खाई भी बढ़ रही है. भारतीय उद्योग जगत ने चीन से सस्ते आयात की वजह से घरेलू कंपनियों के नुकसान की शिकायत की है. फिलहाल इस पर एंटी डंपिंग शुल्क लगाए जाने के लिए जांच चल रही है.
भारत ने चीन के खिलाफ एंटी डंपिंग जांच शुरू की है. नई दिल्ली. वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आने वाले DGTR ने चीन से आयातित सोलर कंपोनेंट और मोबाइल कवर पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है. यह कदम RenewSys India और ऑल इंडिया मोबाइल कवर मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन की शिकायतों के बाद उठाया गया है. इन दोनों संगठनों ने आरोप लगाया है कि चीन से सोलर एनकैप्सुलेंट्स, ईवीए एनकैप्सुलेंट्स के डंपिंग आयात के कारण उद्योग प्रभावित हो रहे हैं. ये दोनों उपकरण सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने के काम आती हैं.
मलेशिया पर भी जांच शुरू
भारत ने पहले ही कई उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाया है, ताकि विभिन्न देशों विशेष रूप से चीन से सस्ते आयात से निपटा जा सके. एक अलग नोटिफिकेशन में DGTR ने कहा कि उसने मलेशिया और इंडोनेशिया से आयातित क्लियर फ्लोट ग्लास के संबंध में एक काउंटरवेलिंग ड्यूटी जांच भी शुरू की है. इस संबंध में आवेदन Sisecam Flat Glass India Pvt Ltd, Gold Plus Glass Industry, Gold Plus Float Glass, और Saint-Gobain India ने दायर किया था. इन आवेदकों ने जांच की मांग की है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

