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Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश के तट पर चक्रवात अर्नब के बाद अब एक और तूफान का खतरा मंडरा रहा है. बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके सोमवार 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है. इस तूफान को ‘मुरसु’ नाम दिया जाएगा. मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और समुद्र में खराब मौसम की चेतावनी दी है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का अनुमान है. जानिए किन राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है.
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात मुरसु में बदल सकता है. (फाइल फोटो)
Cyclone Murasu Latest Update: आंध्र प्रदेश के तट पर अभी चक्रवाती तूफान अर्नब का असर पूरी तरह थमा भी नहीं है कि एक और तूफान की आहट मिलने लगी है. बंगाल की खाड़ी में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. समुद्र के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब ताकत पकड़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम रविवार तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके बाद सोमवार शाम तक आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है. अगर यह तूफान विकसित होता है तो इसका नाम ‘मुरसु’ रखा जाएगा. इस तरह अर्नब के बाद आंध्र प्रदेश को एक बार फिर भारी बारिश और समुद्र में उठती ऊंची लहरों के लिए तैयार रहना पड़ सकता है. अभी हाल ही में तूफान अनर्ब ने आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा तबाही मचाई. इस तूफान के कारम हजारों लोग बेघर हो गए और अब तूफान मुरसु के आने का अलर्ट है.
मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास कम दबाव का क्षेत्र बना है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. शनिवार शाम तक यह और मजबूत होकर दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है. इसके बाद रविवार तक चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और पुडुचेरी के यानम में भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु और केरल के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट है.
कैसे मजबूत हो रहा है तूफान ‘मुरसु’?
IMD के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना मौजूदा सिस्टम अभी कम दबाव का क्षेत्र है. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह शनिवार शाम तक गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है. इसके बाद इसकी ताकत बढ़ेगी और रविवार तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है. सोमवार 2 नवंबर की शाम तक इसके तट पार करने की संभावना जताई गई है. हालांकि तूफान की दिशा और इसकी तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर रखे हुए है.
भारत ने दिया है ‘मुरसु’ नाम
इस संभावित तूफान का नाम मुरसु रखा जाएगा. यह नाम भारत ने प्रस्तावित किया है. तमिल भाषा में मुरसु का अर्थ नगाड़ा या ढोल होता है. चक्रवाती तूफानों के नाम पहले से तय सूची के अनुसार रखे जाते हैं. इसलिए यह नाम इस सिस्टम के चक्रवाती तूफान बनने पर इस्तेमाल किया जाएगा.
आंध्र प्रदेश से तमिलनाडु तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यानम में भारी बारिश की चेतावनी दी है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है. वहीं केरल और माहे में 4 नवंबर तक बारिश का अनुमान है. यानी इस सिस्टम का असर सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहने वाला है. दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ सकता है.
समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरों की आशंका
IMD ने आंध्र प्रदेश के तट के पास समुद्र की स्थिति खराब रहने की चेतावनी दी है. 1 नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ जगहों पर हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. ऐसे में समुद्र में जाने वाले मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है.
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सुमित कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक उभरता और सक्रिय नाम हैं. वर्तमान में वे News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और सेंट्रल डेस्क टीम का हिस्सा हैं. पिछले चार साल से वे Network18

