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suvendu adhikari: पश्चिम बंगाल STF ने बर्धमान से जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने गंभीर दावा किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी के निशाने पर बंगाल सीएम सुवेंदु अधिकारी थे. उनकी रेकी की जा रही थी. उनकी गतिविधियों की जानकारी कश्मीर में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचाने का आरोपी कर रहा था. जानें पूरी खबर.
बंगाल में बड़ा सुरक्षा अलर्ट! सुवेंदु अधिकारी की लोकेशन शेयर करने का दावा, बर्दवान से गिरफ्तारी से मचा हल्ला.
suvendu adhikari terrorist arrest: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बर्धमान जिले से जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी बंगाल सीएम सुवेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और उनकी रेकी कर रहा था. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पश्चिम बंगाल में रह रहा था. वह एक आम नागरिक की तरह परिवार के साथ रह रहा था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ. खुफिया इनपुट मिलने के बाद STF ने बर्धमान के रेनेसां हाउसिंग स्थित किराए के फ्लैट पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया.
बर्धमान के फ्लैट से चल रही थी रेकी
जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हामिद मंडल के रूप में हुई है. वह बर्धमान के रेनेसां हाउसिंग में किराए के फ्लैट में परिवार के साथ रह रहा था. एजेंसियों का कहना है कि इसी फ्लैट से वह कथित तौर पर अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहा था. पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से कई डिजिटल डाक्यूमेंट , मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद होने की बात कही गई है. शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि इनमें सुवेंदु अधिकारी के रूट, सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी जानकारी मौजूद थी. हालांकि, इन दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच अभी जारी है.
कश्मीर में बैठे आकाओं को भेजी जा रही थी जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी के संपर्क कश्मीर में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क और उसके सहयोगियों से थे. आरोप है कि वह कथित तौर पर सुवेंदु अधिकारी की गतिविधियों और लोकेशन से जुड़ी जानकारी अपने हैंडलरों तक पहुंचा रहा था. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और पश्चिम बंगाल में उसे किसका सहयोग मिल रहा था. उसके कब्जे से मिले मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं पूरे मॉड्यूल की कड़ियां
STF के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले की जांच में जुटी हैं. अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार किसी बड़े मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सभी डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित साजिश कितनी आगे बढ़ चुकी थी और इसमें कितने लोग शामिल थे.

