नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड केस एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है. इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (EOW) ने कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार को एक अहम नोटिस भेजा है. EOW के अनुसार संभव है कि शिवकुमार के पास सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हों, जो जांच की दिशा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
क्यों भेजा गया नोटिस: जांच एजेंसियों की नजर में क्या है?
EOW के नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि डी.के. शिवकुमार से फाइनेंशियल और ट्रांजैक्शनल डिटेल्स मांगी गई हैं. अधिकारियों का मानना है कि शिवकुमार के पास यंग इंडियन से जुड़े फंड ट्रांसफर का पूरा विवरण हो सकता है. जो नेशनल हेराल्ड केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है. इसी वजह से जांचकर्ता उनके कांग्रेस से जुड़ाव, निजी बैकग्राउंड और कथित डोनेशन के फंड-सोर्स का पूरा विवरण जानना चाहते हैं.
क्या है मामला: नेशनल हेराल्ड विवाद और FIR
यह केस उस कथित अनियमित संपत्ति अधिग्रहण से जुड़ा है जिसमें कांग्रेस नेतृत्व पर Associated Journals Ltd (AJL) पर अनुचित तरीके से नियंत्रण हासिल करने का आरोप है. FIR में दावा किया गया है कि इस प्रक्रिया में करीब 2,000 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति से जुड़े लेनदेन गलत तरीके से किए गए. इसी FIR के आधार पर दिल्ली पुलिस EOW ने हाल ही में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और छह अन्य के खिलाफ नई FIR दर्ज की है.
दिल्ली पुलिस ने सिर्फ डी.के. शिवकुमार ही नहीं उनके भाई और सांसद डी.के. सुरेश को भी नोटिस भेजा है. (फाइल फोटो)
शिवकुमार के मामले में जांच क्या पूछ रही है?
नोटिस में शिवकुमार से कई विशेष सवाल पूछे गए हैं-
- दान में दिए गए पैसों का स्रोत क्या था?
- पैसे किस उद्देश्य से दिए गए थे?
- क्या उन्हें फंड्स के एंड-यूज की जानकारी थी?
- यंग इंडियन से उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कनेक्शन क्या है?
EOW के अनुसार इन सवालों के जवाब मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे.
EOW ने अपने नोटिस में शिवकुमार से जिन दस्तावेजों और जानकारियों की मांग की है, उनमें शामिल हैं-
- उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक वित्तीय हिस्ट्री.
- कांग्रेस से जुड़े फाइनेंशियल लेनदेन.
- यंग इंडियन को कथित तौर पर किए गए फंड ट्रांसफर का आधार.
- ट्रांजैक्शन की रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और सोर्स ऑफ फंड्स.
- उन सभी विवरणों की कॉपी जो FIR से जुड़े हो सकते हैं.
डी.के. सुरेश को भी नोटिस, जांच का दायरा बढ़ा
दिल्ली पुलिस ने सिर्फ डी.के. शिवकुमार ही नहीं उनके भाई और सांसद डी.के. सुरेश को भी नोटिस भेजा है. दोनों से एक ही प्रकार की जानकारी मांगी गई है फंड का स्रोत, उद्देश्य और इस्तेमाल. EOW का कहना है कि दोनों की जवाबदेही इस केस के वित्तीय पहलुओं को समझने में मदद करेगी.
EOW और ED दोनों इस केस में समानांतर जांच कर रहे हैं.
जांच अभी किस मोड़ पर है?
EOW और ED दोनों इस केस में समानांतर जांच कर रहे हैं. ED पहले ही शिवकुमार का बयान दर्ज कर चुकी है. अब दिल्ली पुलिस की यह नई कार्रवाही संकेत देती है कि जांच और गहराई की ओर बढ़ रही है. अधिकारियों के मुताबिक आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि डी.के. शिवकुमार और डी.के. सुरेश 19 दिसंबर तक कौन-सी जानकारियां सौंपते हैं.

