Last Updated:
Jodhiasi Nagaur Controversy Live News : नागौर जिले के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने का चल रहा विवाद गहरा गया है. मूर्ति लगाने की बात को लेकर गांव के दो पक्ष आमने-सामने हो गए हैं. दोनों पक्षों में हुए पथराव के बाद मौके पर पहुंची भारी पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज कर उनको खदेड़ा है. फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
विवादित मूर्ति स्थल पर दोनों पक्षों ने टैंट गाड़ रखे हैं.प्रकाश तंवर.
नागौर. नागौर जिले के जोधियासी गांव में एक विवादित स्थल पर रातोंरात महराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने को लेकर तनाव की स्थिति बन गई है. मूर्ति लगाने के मामले को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए. बाद में विवाद बढ़ा तो दोनों पक्षों में पथराव हो गया. हालात की सूचना मिलने पर पहले स्थानीय थाना पुलिस पहुंची. लेकिन विवाद उसके बूते से बाहर हो गया. इस पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर यहां आरएएसी के जवान और पांच थानों का पुलिस जाब्ता भेजा गया. विवाद बढ़ने के बाद पांच और थानों का जाब्ता भेजा गया. पुलिस ने फोर्स ने मौके पर पथराव को देखते हुए भीड़ को तितर-बीतर करने के लिए लाठियां भांजी. इससे वहां भगदड़ मच गई और कई लोगों के चोटें आईं. फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. दोनों पक्ष आमने-सामने टैंट लगाकर बैठे हैं. भारी पुलिस फोर्स प्रशासन के अधिकारी तैनात हैं.
जानकारी के अनुसार इस स्थान पर मूर्ति लगाने को लेकर पिछले एक साल से विवाद चल रहा था. इसमें मूर्ति लगाने वाले पक्ष का कहना है कि इसे जनभावना के अनुसार गांव में इस जगह पर लगाया जा रहा है। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि गांव में बीचों बीच की जगह पार्किंग के लिए रखी गई है. चारों तरफ अस्पताल सहित अन्य सरकारी कार्यालय हैं. मूर्ति इस जगह नहीं लगाकर गांव में दूसरी जगह लगा ली जाए. मूर्ति लगाने को लेकर जिला स्तर पर बनाई गई कमेटी ने संभागीय आयुक्त को रिपोर्ट दे दी थी. उसके बाद संभागीय आयुक्त ने जिला लेवल पर फैसला करने की पेशकश कर दी थी.
आधी रात को वहां मूर्ति लगाने पहुंचे
उसके बाद विवादित स्थल पर ही मूर्ति लगाने के पक्षधर लोग सोमवार आधी रात को वहां मूर्ति लेकर पहुंचे. उन्होंने वहां जेसीबी की सहायता से मूर्ति लगाने का प्रयास किया. इसका पता चलने पर दूसरा पक्ष भी वहां आ पहुंचा. उसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया. विवाद गहराने की सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों से समझाइश की. रात को एकबारगी तो मामला शांत हो गया. लेकिन सुबह दोनों ही पक्षों की तरफ से भीड़ बढ़ गई. उसके बाद वहां विवाद ने झगड़े का रूप ले लिया दोनों पक्षों के बीच पथराव होने से माहौल बिगड़ गया.
मूर्ति का नहीं जगह का विवाद है
विवादित स्थल मूर्ति लगाने का विरोध करने वाले पक्ष के ग्रामीण करण सिंह का कहना है कि हम मूर्ति लगाने के खिलाफ नहीं हैं. जगह का विवाद है. यहां जिस जगह पर मूर्ति लगाई जा रही है वह गांव के बीच में है. इसके आसपास अस्पताल, ग्राम पंचायत और बस स्टैंड है. इसकी वजह से यहां दिनभर भीड़भाड़ रहती है. यह गाड़ियां पार्क करने की एक मात्र जगह है. इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि मूर्ति यहां नहीं लगाकर गांव में दूसरी जगह पर लगा दी जाए. प्रशासन की बिना अनुमति रात के अंधेरे में यूं एक महापुरुष की मूर्ति लगाना उनका अपमान है.
जनभावना को देखते हुए मूर्ति लगाई गई है
वहीं सरपंच प्रतिनिधि दयालराम मूंड का कहना है कि इसका ग्राम सभा में पहले प्रस्ताव लिया गया था. उसमें मूर्ति लगाने के लिए कोई आपत्ति दर्ज नहीं थी. लेकिन बाद में कुछ लोगों की शिकायत के बाद मामला पहले कलेक्टर और फिर संभागीय आयुक्त के पास भेजा गया. उन्होंने जिला लेवल पर फैसला सौंप दिया. उसके बाद जनभावना को देखते हुए मूर्ति लगाई गई है.
गलियों में लोग इकट्ठे होकर पत्थरबाजी कर रहे
महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने के विरोध के बाद प्रशासन ने दोनों पक्षों से वार्ता की, जिसमें एक पक्ष सहमत होकर हट गया, जबकि दूसरा पक्ष मूर्ति लगाने को गलत बताते हुए धरने पर बैठा रहा और नियमानुसार मुकदमे की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि मुद्दे को राजनीतिक मंच नहीं बनने देंगे. इसी बीच पुलिस द्वारा धरना स्थल खाली कराने की कोशिश पर तनाव बढ़ गया. बलप्रयोग के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया. भगदड़ के बीच कई लोगों को हटाया गया. स्थिति अब भी तनावपूर्ण है, गलियों में लोग इकट्ठे होकर पत्थरबाजी कर रहे हैं.
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से News18 के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से News18 के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर… और पढ़ें

