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तमिलनाडु के मदुरै स्थित प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के दौरे के दौरान बिजली गुल होने का मामला सामने आया है. वीवीआईपी सुरक्षा और व्यवस्था में गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है. घटना के वक्त उपराष्ट्रपति पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर विजिट के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन.
मदुरै: तमिलनाडु के मदुरै स्थित मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की यात्रा के दौरान बिजली गुल होने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद प्रशासन ने एक जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है. प्रशासन ने इसे एक अहम वीवीआईपी दौरे के दौरान हुई गंभीर लापरवाही माना है.
प्रशासन के अनुसार, एस. जानकीरमन नाम के जूनियर इंजीनियर का निलंबन 31 अक्टूबर से प्रभावी हो गया है. उनके खिलाफ हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ धर्मादा अधिनियम, 1959 की धारा 56 (1) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. इस आदेश पर मंदिर के न्यासी मंडल की प्रमुख आर. रुक्मणी ने हस्ताक्षर किए हैं.
पत्रकारों से बात करते वक्त गुल हुई थी बिजली
यह पूरा मामला 30 अक्टूबर का है. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के साथ मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. दर्शन के बाद जब उपराष्ट्रपति ईस्ट चिथिराई स्ट्रीट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गुल हो गई. करीब दो मिनट तक बिजली नहीं रहने से मंदिर में अंधेरा छा गया. वीवीआईपी दौरे के दौरान हुई इस घटना ने मंदिर की बिजली व्यवस्था और तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए. इसके बाद प्रशासन ने बिजली व्यवस्था से जुड़े जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की है.
15 दिन में जूनियर इंजीनियर को देना होगा जवाब
मंदिर प्रशासन के नोटिस में कहा गया है कि वीवीआईपी दौरे के दौरान हुई इस चूक से राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन दोनों की छवि को नुकसान पहुंचा है. निलंबित इंजीनियर एस जानकीरमन को आरोपों पर 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है. अगर वह तय समय में अपना जवाब नहीं देते हैं, तो उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनके खिलाफ आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, इंजीनियर के पास इन आरोपों को चुनौती देने का विकल्प भी है. निलंबन आदेश के अनुसार, वह संबंधित अधिकारियों के पास अपील कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें 30 दिन का समय दिया गया है.
उपराष्ट्रपति ने बिजली कटौती पर क्या कहा?
इस घटना पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राज्य की बिजली व्यवस्था का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देवी जानबूझकर देश को तमिलनाडु में बिजली कटौती की असल स्थिति दिखा रही थीं. वहीं, विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने भी प्रशासन को घेरा है. पार्टी ने कहा कि इसके ठीक एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी के दौरे के दौरान भी मंदिर में बिजली गुल हो गई थी. इससे बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल और बढ़ गए.
तकनीकी खराबी की वजह से गुल हुई थी बिजली
तमिलनाडु के बिजली मंत्री आर निर्मल कुमार ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि बिजली गुल होने की वजह ग्रिड फेल होना नहीं था, बल्कि तकनीकी खराबी थी. मंत्री के अनुसार, वीआईपी दौरे को देखते हुए मंदिर की बिजली आपूर्ति को पहले से ही जनरेटर से जोड़ा जा रहा था. इसी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खराबी आई, जिससे कुछ देर के लिए बिजली चली गई.

