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दिल्ली में 2 अगस्त 2026 को भारत का सबसे बड़ा मेगा ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित होने जा रहा है. लक्ष्मी तरु फाउंडेशन द्वारा रोहिणी के जापानी पार्क में यह आयोजन होगा. इसमें जीनियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने के लिए 3100 यूनिट ब्लड कलेक्ट किया जाएगा. दिल्ली की सीएम इसमें चीफ गेस्ट होंगी. यह कैंप इंडियन आर्मी और थैलेसीमिया मरीजों को डेडिकेटेड है.
आर्मी और थैलेसीमिया मरीजों के लिए दिल्ली में लगेगा सबसे बड़ा ब्लड कैंप, जुटेंगी 3100 यूनिट्स.
नई दिल्ली: दिल्ली में 2 अगस्त 2026 को भारत का सबसे बड़ा मेगा ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित होने जा रहा है. लक्ष्मी तरु फाउंडेशन ने नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की. इस ऐतिहासिक कैंपेन का मुख्य लक्ष्य जीनियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराना है. इस बड़े आयोजन में दिल्ली की सीएम चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगी. यह मेगा ब्लड कैंप रोहिणी के सेक्टर-10 स्थित जापानी पार्क के जेएमडी टेंट में लगाया जाएगा. कार्यक्रम की टाइमिंग सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक तय की गई है. इस बड़े कैंपेन का मकसद देश में ब्लड डोनेशन को एक जनआंदोलन का रूप देना है. आयोजक चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग जीवन बचाने के इस नेक काम से जुड़ें. यह पूरा कार्यक्रम पूरी तरह से सेफ और सुरक्षित होगा.
इस साल का यह खास कैंपेन इंडियन आर्म्ड फोर्सेज और थैलेसीमिया वॉरियर्स को डेडिकेटेड है. कैंपेन का मुख्य मैसेज ‘ए ड्रॉप फॉर द आर्मी’ और ‘एवरी ड्रॉप गिव्स समवन ए न्यू लाइफ’ रखा गया है. आयोजकों ने बताया कि इस मेगा कैंपेन के दौरान लगभग 3100 यूनिट ब्लड कलेक्ट करने का टारगेट सेट किया गया है. यह सिर्फ एक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश नहीं है. इसका असली उद्देश्य देश में जरूरतमंदों की मदद करना है. लक्ष्मी तरु फाउंडेशन के अध्यक्ष विपिन गर्ग ने इस पर अपनी बात रखी. विपिन गर्ग ने कहा, ‘हमारा टारगेट 3100 यूनिट ब्लड कलेक्ट कर जीनियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नया कीर्तिमान स्थापित करना है’. उन्होंने आगे कहा, ‘इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि यह ब्लड सेना के जवानों और गंभीर मरीजों की जान बचाने में काम आएगा’.
इस बड़े कैंपेन में कलेक्ट किया गया ब्लड कई बड़े और प्रमुख अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाएगा. इनमें आर्म्ड फोर्सेज ट्रांसफ्यूजन सेंटर और एम्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इसके अलावा सफदरजंग हॉस्पिटल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और हिंदू राव हॉस्पिटल को भी ब्लड दिया जाएगा. लायंस ब्लड सेंटर और रोटरी ब्लड सेंटर सहित कई लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक भी इसका हिस्सा होंगे. इस ब्लड का इस्तेमाल सेना के जवानों और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के इलाज में होगा. सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों और गंभीर रोगियों को भी समय पर सेफ ब्लड मिल सकेगा. यह पहल सुनिश्चित करेगी कि किसी भी मरीज की जान ब्लड की कमी से न जाए. हर डोनर का मेडिकल चेकअप नेशनल और इंटरनेशनल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के हिसाब से होगा.
लक्ष्मी तरु फाउंडेशन के महासचिव अंकित गर्ग ने इस कैंपेन को एक राष्ट्रीय आंदोलन बताया. अंकित गर्ग ने कहा, ‘यह कैंपेन केवल एक रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं है’. उन्होंने कहा, ‘यह पूरे देश को ब्लड डोनेशन के लिए प्रेरित करने का एक बड़ा नेशनल कैंपेन है’. संस्था ने युवाओं, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, कॉर्पोरेट जगत और सोशल ऑर्गेनाइजेशंस से भारी संख्या में जुड़ने की अपील की है. युवा शक्ति अगर आगे आए तो इस बड़े टारगेट को आसानी से हासिल किया जा सकता है. ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉ महेश कुमार ने ब्लड डोनेशन की अहमियत पर प्रकाश डाला. डॉ महेश कुमार ने कहा, ‘देश में सेफ ब्लड की हमेशा जरूरत रहती है और एक यूनिट ब्लड तीन लोगों की जान बचा सकता है’. उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया ब्लड डोनेशन पूरी तरह सेफ है.
इस आयोजन को लेकर समाज के कई प्रमुख लोगों ने अपनी बात रखी है. मशहूर बाइकर और हीलर सिंपल अरोड़ा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए एक बड़ा संदेश दिया. सिंपल अरोड़ा ने कहा, ‘युवा शक्ति यदि सेवा का संकल्प ले ले तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है’. उन्होंने बताया कि ब्लड डोनेशन सबसे बड़ा जीवनदान है और हर युवा को इसका हिस्सा बनना चाहिए. युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मबीर ने भी इस कैंपेन का समर्थन किया है. आचार्य धर्मबीर ने कहा, ‘मानव सेवा ही सच्चा धर्म है और ब्लड डोनेशन एक महादान है’. उन्होंने कहा, ‘यह बिना किसी भेदभाव के किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देता है’. सेफ सफर का मैसेज देने के लिए कैंप में एक और खास पहल की जाएगी. इस कैंप में सभी जरूरतमंद लोगों को फ्री हेलमेट भी डिस्ट्रीब्यूट किए जाएंगे.
आयोजकों ने बताया कि इस कैंप में कई लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक और मेडिकल इंस्टीट्यूट्स हिस्सा लेंगे. यहां सिर्फ ब्लड डोनेशन ही नहीं बल्कि कई अन्य हेल्थ सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी. डोनर्स के लिए हेल्थ चेकअप और स्टेम सेल रजिस्ट्रेशन की विशेष व्यवस्था की गई है. थैलेसीमिया को लेकर अवेयरनेस फैलाने के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं. जो लोग नेत्रदान करना चाहते हैं उनके लिए आई डोनेशन प्लेज कैंपेन भी चलाया जाएगा. इसके साथ ही ब्लड डोनर्स को सम्मानित करने का भी प्रोग्राम रखा गया है. ब्लड कलेक्शन का काम सिर्फ ऑथराइज्ड और लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों द्वारा ही किया जाएगा. डोनेशन से पहले हर डोनर का पूरा मेडिकल चेकअप होगा ताकि सुरक्षा बनी रहे. यह पूरी डोनेशन प्रोसेस पूरी तरह से वॉलंटरी और एकदम फ्री रहेगी.
इस मेगा कैंपेन को समाज के हर वर्ग का भरपूर सपोर्ट मिल रहा है. कई एनजीओ, अस्पताल, कॉर्पोरेट संस्थान और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स इस मुहिम से जुड़े हैं. सोशल ऑर्गेनाइजेशंस, वॉलंटियर्स, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी सहयोग कर रहे हैं. आयोजकों ने मीडिया और देशभर के नागरिकों से इस कैंपेन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है. यह भारत में वॉलंटरी ब्लड डोनेशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला एक बड़ा कदम है. कार्यक्रम 2 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा. इसका वेन्यू रोहिणी सेक्टर-10 के जापानी पार्क का जेएमडी टेंट रखा गया है. सभी नागरिकों को इस दिन आकर अपना योगदान जरूर देना चाहिए.
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<strong>दीपक वर्मा</strong> की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…और पढ़ें

