Last Updated:
दिल्ली में घनी धुंध और प्रदूषण से सांस लेना मुश्किल,हो गया है और आंखों में जलन हो रही है. अगले 2-3 दिन हालात और खराब हो सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो तीन राहत मिलने की संभावना नहीं है.
दिल्ली वालों को हवा चलने के बाद ही राहत मिलेगी.नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में आज सुबह फिर घनी धुंध छाई हुई है. प्रदूषण की वजह से लोगों का खुली हवा में सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है, आंखों में जलन हो रही है. भले ही एक्यूआई 279 है, जो पहले के मुकाबले थोड़ा कम है. लेकिन धुंध बढ़ने और हवा न चलने से परेशानी बढ़ गयी है. आज प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो सकता है. विशेषज्ञों ने इसका कारण और ऐसे मे क्या करना चाहिए, यह भी बताया.
बुधवार को हवा की गति रात में 5 किमी/घंटा से भी कम रही. प्रदूषण फैलाने की क्षमता (वेंटिलेशन इंडेक्स) सिर्फ 2200 वर्ग मीटर/सेकंड थी, जबकि अच्छे फैलाव के लिए 6000 चाहिए. सुबह धूप निकलने पर थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शाम ढलते ही धुंध फिर लौट आती है. गुरुवार को मिश्रण ऊंचाई (मिक्सिंग डेप्थ) और कम होकर 1350 मीटर रहने की संभावना है.यानी आज और प्रदूषण और खतरनाक हो सकता है.
बुधवार का न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री तक गिर गया, जबकि अधिकतम 29 डिग्री रहा. दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ने से धुंध और गहरा गई. पर्यावरण विशेषज्ञ सुनील दाहिया कहते हैं कि ठंडी हवा नीचे बैठती है, प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाता. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनिटरिंग स्टेशन के पास पानी की फुहारें छिड़कने की खबरें आई हैं. पूर्व पृथ्वी विज्ञान सचिव माधवन नायर राजीवन कहते हैं कि मौसम और मापने के तरीके कभी-कभी गलत तस्वीर पेश कर सकते हैं, लेकिन पुख्ता सबूत के लिए और डेटा चाहिए.
लोगों के लिए सलाह
. बच्चों-बुजुर्गों को घर में रखें.
. वाहन कम चलाएं, कारपूल करें.
. पौधे लगाएं, धूल कम करें.
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज… और पढ़ें

