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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में अपना कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ अधिकारियों से राहत अभियान की जानकारी ली. उधर राहुल गांधी ने घटना को दर्दनाक बताते हुए बचाव दलों से हर छात्र तक पहुंचने की अपील की. उन्होंने दिल्ली में छात्रों के PG और किराए की इमारतों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया.
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है.
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है. दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित इस इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है. हादसे की खबर मिलते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में चल रहा अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया और दिल्ली के अधिकारियों से हालात की जानकारी ली. वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए मलबे में फंसे हर छात्र तक पहुंचने की अपील की है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गोवा में बीजेपी के नए प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने और लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना मिलने पर उन्होंने कार्यक्रम बीच में ही रोक दिया. इसके बाद अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक समेत वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर जमीनी हालात की जानकारी ली.
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से वे बेहद व्यथित हैं. उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ मिलकर बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं और घायलों को हर जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में स्थित पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर अचानक ढह गई. इमारत में छात्रों की पीजी चलाई जा रही थी. दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर करीब 1:30 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियों और बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं.
अब तक मलबे से 7 लोगों को बाहर निकाला गया. इनमें से दो छात्रों को एम्स ट्रॉमा अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 3 की हालत बेहज नाजुक बताई जा रही है. हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे और कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, सीएटीएस और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं.
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को भी खाली करा लिया गया है. प्रशासन का फोकस मलबे में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने पर है.
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साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
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