Agency:एजेंसियां
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कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने यूपी चुनाव में मुस्लिम कोटा बढ़ाने का वादा किया था, जिसे आचार संहिता का उल्लंघन मानकर चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई की थी.पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरेशी की किताब में दावा है कि पीएम ने मंत्रियों की हरकत पर नाराजगी जताते हुए चुनाव आयोग की तारीफ में कहा था कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है, इसे खो दिया तो सब खो देंगे. उन्होंने यहां तक कहा था कि ‘अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं सुसाइड कर लूंगा’
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपनी किताब में किया है खुलासा.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का एक ऐसा भावुक और हैरान करने वाला बयान सामने आया है, जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने अपनी किताब ‘इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर’ में यह सनसनीखेज खुलासा किया है. कुरैशी के अनुसार, साल 2012 में चुनाव आयोग के प्रति कुछ मंत्रियों के रवैये से उपजे विवाद के दौरान डॉ. सिंह ने उनसे कहा था, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं सुसाइड कर लूंगा.
बात जनवरी 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से जुड़ी है. उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी और तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक चुनावी रैली में बड़ा दांव चला था. उन्होंने जनता से वादा किया था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के लिए आरक्षण का दायरा 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 9 प्रतिशत कर दिया जाएगा. खुर्शीद का यही चुनावी वादा इस बड़े राजनीतिक और संवैधानिक विवाद का मुख्य कारण बन गया.
चुनाव आयोग का सख्त एक्शन और कानूनी बहस
सलमान खुर्शीद के इस बयान को बीजेपी ने आचार संहिता का सीधा उल्लंघन बताते हुए तुरंत चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई. कुरैशी के मुताबिक, इस मामले पर चार दिनों तक लंबी और गहन सुनवाई चली. कांग्रेस की तरफ से मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने अपना-अपना पक्ष रखा. इस तीखी कानूनी बहस के बाद चुनाव आयोग ने माना कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नई घोषणाएं नहीं की जा सकतीं, और इसके चलते आयोग ने खुर्शीद की कड़ी निंदा की.
कांग्रेस नेताओं की नाराजगी
चुनाव आयोग द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई से तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस के अन्य नेता खासे खफा हो गए. पार्टी के भीतर से ही यह आवाजें उठने लगीं कि निर्वाचन आयोग मनमाना और अहंकारी व्यवहार कर रहा है. सत्ताधारी दल के मंत्रियों द्वारा चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के खिलाफ सार्वजनिक रूप से की जा रही इस तरह की बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को काफी तनावपूर्ण बना दिया था.
कुरैशी की शिकायत
मंत्रियों की इस बेतुकी और संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी से तत्कालीन सीईसी एसवाई कुरैशी बेहद आहत हुए. उन्होंने अपनी यह नाराजगी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई. कुरैशी की इसी आपत्ति पर डॉ. मनमोहन सिंह ने अपनी वह भावुक बात कही थी. उन्होंने मंत्रियों के आचरण पर खेद जताते हुए चुनाव आयोग की तारीफ की और कहा कि यह संस्था केवल देश का गौरव नहीं, बल्कि हमारे ‘लोकतंत्र की आत्मा’ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर हमने इसे खो दिया, तो देश सब कुछ खो देगा.
खुलासे के बाद बीजेपी का कांग्रेस पर ताजा सियासी प्रहार
किताब के इस खुलासे ने अब मौजूदा राजनीति में भी हलचल मचा दी है. बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने इसी घटनाक्रम का हवाला देते हुए कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला है. पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह अपने ही मंत्रियों की हरकतों से इतने परेशान हो गए थे कि आत्महत्या तक की बात करने लगे थे. उन्होंने आगे कहा कि यह वही कांग्रेस है, जो आज के समय में चुनाव हारने पर अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग और ईवीएम (EVM) पर फोड़ती है और संस्थाओं को गाली देती है.
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<strong>Gyanendra Kumar Mishra</strong> is a senior journalist with nearly <strong>20 years of experience</strong> in the media industry. He is currently associated with <strong>News18 Hindi </strong>(hindi.new…और पढ़ें

