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JP Cement Insolvency : एनसीएलटी ने जेपी समूह की सीमेंट कंपनी के खिलाफ भी दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है. कंपनी पर करीब 45 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसकी वसूली के लिए इसे बेचने का आदेश दिया गया है.
एनसीएलटी ने जेपी सीमेंट के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है. नई दिल्ली. कर्ज के बोझ तले दबे जेपी समूह को एक और झटका लगा है. राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने कर्ज में डूबे समूह जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी भिलाई जेपी सीमेंट के खिलाफ 45 करोड़ रुपये की चूक के लिए दिवाला कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है. एनसीएलटी की कटक पीठ ने कहा है कि कंपनी के ऑपरेशनल क्रेडिटर्स सिद्धगिरि होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका स्वीकार किए जाने के बाद उसके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
एनसीएलटी ने क्या बोला आदेश में
एनसीएलटी के सदस्य दीप चंद्र जोशी और बनवारी लाल मीणा की पीठ ने कहा कि हम यह मानने के लिए इच्छुक हैं कि एक बकाया परिचालन ऋण व एक चूक मौजूद है. लिहाजा वर्तमान आवेदन में भिलाई जेपी सीमेंट के सीआईआरपी शुरू करने के लिए दिवाला एवं दिवालियापन नियम, 2016 के नियम छह के साथ संहिता की धारा नौ के तहत अनुमति दी जाती है और कॉर्पोरेट देनदार को स्वीकार किया जाता है.
कितनी है प्लांट की उत्पादन क्षमता
भिलाई जेपी सीमेंट अपने परिचालन ऋणदाता सिद्धगिरि होल्डिंग्स से नियमित रूप से कोयला खरीद रही थी. हालांकि, सितंबर 2021 और जून 2022 के बीच 2,000 मीट्रिक टन (प्रत्येक) कोयले के तीन खरीद आदेशों (जिनकी कुल मात्रा 6,000 मीट्रिक टन थी) को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया. खरीद आदेशों के अनुसार, प्रत्येक का भुगतान भिलाई जेपी सीमेंट को आपूर्ति के 15 दिन बाद करना था. आपूर्तिकर्ता ने इस अवधि के दौरान कई ‘बिल’ बनाए और सीमेंट निर्माता ने मांग का केवल एक आंशिक भुगतान किया.
कितने रुपये का कुल बकाया
कर्जदाता ने 22 जून, 2024 को आईबीसी के तहत कुल 45.40 करोड़ रुपये की राशि का एक वैधानिक मांग नोटिस भेजा, जिसमें 30.08 करोड़ रुपये मूलधन के लिए और 15.32 करोड़ रुपये 24 फीसदी की दर से ब्याज के तौर पर मांगे गए थे, जिसका भुगतान न किए जाने का दावा किया गया. कंपनी से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर सिद्धगिरी होल्डिंग्स ने आईबीसी की धारा नौ के तहत एक याचिका दायर करते हुए एनसीएलटी का रुख किया था. अब कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है.
कितनी है कंपनी की कीमत
भिलाई जेपी सीमेंट लिमिटेड में 74 फीसदी हिस्सेदारी जेपी समूह की है, जबकि सरकारी कंपनी स्टील इंडिया लिमिटेड की हिस्सेदारी 26 फीसदी के आसपास है. अगर कंपनी के मौजूदा मार्केट कैप के हिसाब से जेपी समूह के हिस्से वाली कंपनी की कीमत का आकलन करें तो यह करीब 1,450 करोड़ रुपये के आसपास होगी. साल 2017 में इस कंपनी को बेचने की तैयारी थी, लेकिन सौदा पूरा नहीं हो सका था.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

