बस्तर विश्वास, विकास और सुरक्षा से परिभाषित है, क्योंकि बीजापुर और सुकमा में नक्सल विरोधी अभियानों के निर्णायक परिणाम सामने आ रहे हैं। चल रही रणनीतियों और नागरिक लचीलेपन के साथ, यह क्षेत्र राष्ट्रीय नेतृत्व और पुनर्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता से निर्देशित, स्थायी शांति की ओर बढ़ रहा है।
India
-Oneindia Staff
मुख्यमंत्री
विष्णु
देव
साय
ने
कहा
है
कि
विश्वास,
विकास
और
सुरक्षा
ही
बस्तर
की
नई
पहचान
बन
चुकी
है,
जहां
अब
हिंसा
नहीं
बल्कि
शांति
ही
एकमात्र
विकल्प
है।
उन्होंने
बताया
कि
बस्तर
रेंज
के
बीजापुर
और
सुकमा
जिलों
में
सुरक्षा
बलों
द्वारा
चलाए
गए
नक्सल
विरोधी
अभियान
में
निर्णायक
सफलता
मिली
है,
जिसमें
14
माओवादियों
को
न्यूट्रलाइज
किया
गया
है।

मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
सुरक्षा
बलों
की
सटीक
रणनीति,
सतत
दबाव
और
मजबूत
जमीनी
पकड़
के
चलते
माओवादी
नेटवर्क
तेजी
से
कमजोर
हो
रहा
है।
बस्तर
अब
विकास,
निवेश,
शिक्षा,
स्वास्थ्य
और
रोजगार
के
नए
अवसरों
के
साथ
आगे
बढ़
रहा
है।
यह
परिवर्तन
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
मार्गदर्शन,
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
के
नेतृत्व,
सुरक्षा
बलों
की
अदम्य
वीरता
व
प्रतिबद्धता,
संवेदनशील
पुनर्वास
नीति
और
बस्तर
की
जनता
के
अटूट
विश्वास
का
परिणाम
है।
मुख्यमंत्री
ने
अभियान
में
शामिल
सभी
जवानों
के
शौर्य
को
नमन
करते
हुए
उन्हें
बधाई
दी।
उन्होंने
कहा
कि
जो
लोग
अब
भी
हिंसा
का
रास्ता
चुन
रहे
हैं,
वे
आत्मसमर्पण
कर
मुख्यधारा
से
जुड़ें,
सरकार
की
पुनर्वास
नीति
का
लाभ
उठाएं
और
सम्मानपूर्वक
जीवनयापन
करें।
अन्यथा
राज्य
शासन
और
सुरक्षा
बल
कानून
एवं
संविधान
के
अनुरूप
अपने
दायित्वों
के
निर्वहन
के
लिए
पूरी
तरह
सक्षम
और
प्रतिबद्ध
हैं।
मुख्यमंत्री
विष्णु
देव
साय
ने
कहा
कि
छत्तीसगढ़
में
नक्सलवाद
की
अंधेरी
रात
अब
अपने
अंतिम
चरण
में
है
और
बस्तर
में
शांति,
विश्वास
और
विकास
का
स्थायी
सूर्योदय
सुनिश्चित
है।
विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा,
जहाँ हिंसा नहीं, अब शांति ही एकमात्र विकल्प।
बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने निर्णायक सफलता हासिल करते हुए 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया है। सुरक्षाबलों की सटीक रणनीति,…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 3, 2026 “>

