नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी नेताओं की ओर से मुसलमानों को लेकर की बयानबाजी पर कांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा ने पलटवार किया है. पवन खेड़ा ने बुधवार का पत्रकारों से बातचीत में तंज कसने वाले अंदाज में कहा- ‘खंजर आप चलाओ और मुसलमान उफ्फ न बोले ये तो हम नहीं होने देंगे’
उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर को रंग में रंगा जा रहा है, बीजेपी ने कभी मुसलमान को नहीं अपनाया. मुस्लिमों के खिलाफ बीजेपी नफरती बयानबाजी करती है. बीजेपी कहती है कि मुसलमान उन्हें वोट नहीं देते हैं. पवन खेड़ा ने कहा कि अगर आप मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलोगे तो भला वो आपको वोट कैसे देंगे.
उन्होंने कहा कि BJP कहती है कि उसे मुस्लिम वोटरों की जरूरत नहीं है. BJP ने मुस्लिम वोटरों को ठुकराया और मुस्लिम वोटरों ने BJP को ठुकरा दिया. ऐसे में जब मुसलमानों ने एक सेक्युलर पार्टी को वोट दिया तो BJP को उसमें भी शिकायत होने लगी. मतलब BJP अब वोट को भी रंगों में रंगने की कोशिश कर रही है. उनसे पूछा गया कि क्या बाबा साहेब का संविधान ऐसी सोच की इजाजत देता है? इसपर उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस पार्टी हमेशा से सभी लोगों को प्रतिनिधित्व देती आई है, वहीं BJP टार्गेटेड तौर पर एक समुदाय के खिलाफ जहर उगलती रही है. सच ये है कि BJP देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग को कमजोर करना चाहती है.
पवन खेड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिन मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित रखा गया, उन सीटों पर जीत का मार्जिन SIR डिलीशन की संख्या से कम है. यानी सबकुछ सामने है- दूध का दूध और पानी का पानी. ऐसे में हमें लगता है कि उन सीटों पर दोबारा मतदान होना चाहिए, क्योंकि इनमें से बहुत से लोग अभी भी वोट के अधिकार का इंतजार कर रहे हैं. हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वो संविधान को ध्यान में रखते हुए न्याय करेंगे.
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र का चौकीदार ज्ञानेश गुप्ता लोकतंत्र के चोरों के साथ मिला है. अपने कंधे पर बैठाकर विधानसभा लेकर जा रहा है. आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में टारगेटेड तरीके से वोटरों को जोड़ा गया था. वहीं बंगाल और असम में टारगेटेड तरीके से वोटरों के नाम काटे गए.
खेड़ा ने कहा कि बीजेपी का मॉडल, पहले कीचड़ फैलाना फिर कमल खिलाना है. चुनाव आयोग का काम कीचड़ फैलने से रोकना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बंगाल और असम का मसला हम उठा रहे हैं. वोटर लिस्ट का फ्रॉड, SIR का चाबुक और परिसीमन के तीन तरीकों से पूरी चुनावी प्रक्रिया की कब्जे में लिया जा रहा है.
2024 लोकसभा के रिजल्ट के बाद चुनाव प्रणाली को ध्वस्त करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. जहां-जहां कीचड़ फैलाया, वहां कमल खिलाया जा रहा है. तमिलनाडु और केरल में कीचड़ नहीं फैलाया इसलिए कमल नहीं जीता.
यह चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव रिजल्ट आने के बाद कांग्रेस की पहली आधिकारिक ब्रीफिंग थी. पवन खेड़ा ने कहा कि एक महीना के बाद आपके पास आया हूं, एक महीना मेरे और पार्टी के लिए संघर्षमय था. पूरे देश में लोकतंत्र को हाइजैक करने का खेल चल रहा है. कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने इस खेल को सामने लाया है.

