Last Updated:
देशभर में भीषण गर्मी के बीच लू से बचाव के लिए ग्रामीण आज भी पुराने देसी नुस्खे अपनाते हैं. खेतों में काम करने वाले किसान जेब में प्याज रखने को लू से सुरक्षा मानते हैं. जबकि डॉक्टर इसे सिर्फ एक मान्यता बताते हैं और हाइड्रेशन और सावधानी को जरूरी मानते हैं. मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दावे के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है.
फरीदाबाद. देशभर में इन दिनों सूरज जैसे आग उगल रहा है. दिन के समय तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच रहा है और दोपहर में खेतों में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं है. ऐसे में गर्मी और लू से बचने के लिए ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी पुराने देसी नुस्खों पर भरोसा करते हैं. इन्हीं में से एक है जेब में प्याज रखना. किसानों का मानना है कि प्याज साथ रखने या खाने से लू नहीं लगती और शरीर ठंडा रहता है.
हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ जिसमें वे जनसभा के दौरान हाथ में प्याज लेकर कहते नजर आए कि जून की 51 डिग्री की गर्मी में सिर पर कपड़ा बांधो और जेब में प्याज रखो, कुछ नहीं होगा. ज्योतिरादित्य सिंधिया इसे अपना सुरक्षा कवच बताया. इसके बाद एक बार फिर यह पुरानी मान्यता चर्चा में आ गई है कि क्या सच में प्याज लू से बचाता है या यह सिर्फ एक देसी मान्यता है जो पीढ़ियों से चली आ रही है.
फरीदाबाद के ग्रामीण इलाकों में भी यह विश्वास काफी गहराई से जुड़ा हुआ है. यहां खेतों में काम करने वाले किसान आज भी गर्मी से बचने के लिए सिर पर गमछा बांधते हैं और जेब में प्याज रखते हैं. किसानों का कहना है कि इससे उन्हें लू नहीं लगती और शरीर में गर्मी कम महसूस होती है.
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव के किसान कमल सिंह ने बताया मैं गेहूं और अन्य चीजों की खेती करता हूं. इतनी भीषण गर्मी में जब हम खेतों में काम करते हैं तो सर पर तोलिया बांधते हैं और जेब में प्याज रखते हैं. हमारे बड़े-बुजुर्ग भी यही बताते आए हैं कि प्याज रखने से लू नहीं लगती. हम तो आज भी उसी पर भरोसा करते हैं.
बल्लभगढ़ के किसान महेंद्र सैनी ने बताया कि हमारे बुजुर्गों ने सिखाई थी. हमारे बड़े कहते थे कि जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती. हम खुद खेत में काम करते हैं और ऐसा करते भी हैं. सिंधिया जी ने जो कहा है वो बिल्कुल सही बयान है पुराने लोग यूं ही नहीं बताते थे.
इसी तरह, बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव के 60 वर्षीय किसान कुंवर दास भी इसी परंपरा को मानते हैं. प्याज जेब में रखने और खाने दोनों से ही गर्मी से राहत मिलती है. यह तरीका मैं कई सालों से अपनाते आ रहा हूं.
डॉक्टरों की राय बिल्कुल अलग
लेकिन इस पूरे मामले पर डॉक्टरों की राय इससे बिल्कुल अलग है. फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया प्याज जेब में रखने से लू से बचाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. लू से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना हल्के और ढीले कपड़े पहनना और पसीने को बाहर निकलने देना जरूरी है. प्याज जेब में रखने से इस पर कोई असर नहीं पड़ता. डॉक्टर सुमित अग्रवाल ने बताया का पुराने समय में लोग लंबी दूरी पैदल तय करते थे तब रास्ते में अगर प्याज साथ होता था तो लोग उसे खा लेते थे, जिससे थोड़ी राहत मिल जाती थी. लेकिन इसे जेब में रखने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
About the Author
Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें

