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एफएटीएफ की नई रिपोर्ट में टेरर फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि अंडरग्राउंड बैंकिंग और अनौपचारिक मनी ट्रांसफर नेटवर्क का इस्तेमाल आतंकी संगठनों तक पैसा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. एफएटीएफ ने इटली की एक केस स्टडी का हवाला देते हुए इस तरह के लेनदेन का बड़ा खुलासा भी किया है.
एफएटीएफ ने टैरर फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा किया है.
पूरी दुनिया किस तरह हवाला के जाल में फंसती जा रही है और आपकी जेब से रुपया निकलकर किस तरह आतंकियों तक पहुंच रहा है. इसका खुलासा हाल में आई फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की एक रिपोर्ट में इससे जुड़ा बड़ा खुलाया किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हवाला, अंडरग्राउंड बैंकिंग और दूसरे अनौपचारिक मनी ट्रांसफर नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ अवैध पैसा इधर-उधर भेजने के लिए नहीं हो रहा, बल्कि इनके जरिए आतंकी संगठनों तक भी रकम पहुंचाई जा रही है.
एफएटीएफ ने अपनी रिपोर्ट में इटली से जुड़ी एक केस स्टडी का भी जिक्र किया है. इसमें बताया गया है कि इटली की जांच एजेंसियों ने हवाला जैसे एक वित्तीय नेटवर्क का पता लगाया था. शुरुआत में इस नेटवर्क का संबंध माइग्रेंट स्मगलिंग यानी लोगों की अवैध तरीके से तस्करी से जुड़े पैसों के लेन-देन से पाया गया. लेकिन जांच आगे बढ़ी तो मामला सिर्फ मानव तस्करी तक सीमित नहीं रहा. जांच एजेंसियों को पता चला कि इस नेटवर्क के जरिए भेजी गई रकम का एक हिस्सा आतंकी संगठनों तक भी पहुंचाया गया था.
- यह पूरा नेटवर्क कैश ट्रांसफर, मनी ट्रांसफर सर्विस और हवाला जैसे अनौपचारिक तरीकों से काम कर रहा था. एफएटीएफ के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़ा पैसा कई देशों के रास्ते सीरिया तक पहुंचाया गया.
- एफएटीएफ की जांच में ऐसे लोगों और कारोबारों के नाम भी सामने आए, जिनका संबंध माइग्रेंट स्मगलिंग, कार डीलरशिप और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वाहनों के व्यापार से था.
- सबसे चिंताजनक बात यह थी कि एक ही वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के अपराधों से कमाए गए पैसे को इधर-उधर करने में किया जा रहा था. इसमें संगठित अपराध और टैक्स से जुड़े अपराधों से हासिल रकम भी शामिल थी.
- यानी एक ही नेटवर्क में ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और टेरर फाइनेंसिंग दोनों के तार जुड़े हुए मिले है. इस पूरे मामले का खुलासा करने में सस्पिशियस ट्रांजैक्शन रिपोर्ट्स की भूमिका अहम रही है.
- इन रिपोर्ट्स के जरिए जांच एजेंसियों को कुछ खास मनी ट्रांसफर चैनलों में पैसों के असामान्य लेन-देन का पता चला. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया तो कई ऐसे रास्ते और लोग सामने आए, जिनके संबंध हाई-रिस्क वाले देशों, मानव तस्करी, वाहन कारोबार और टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े थे.
एफएटीएफ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों के सीरिया से सीधे संपर्क थे. इनमें से कुछ के संबंध विदेशी आतंकियों से भी पाए गए. इससे जांच एजेंसियों को शक हुआ कि अपराध से कमाया गया पैसा अलग-अलग रास्तों से आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. एफएटीएफ के अनुसार, हवाला और अंडरग्राउंड बैंकिंग नेटवर्क को सिर्फ टैक्स चोरी या अवैध पैसे के लेन-देन के नजरिए से नहीं देखा जा सकता. इनका इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए भी हो सकता है.
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि अब ऐसे नेटवर्क सोशल मीडिया, डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं. इससे जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना और मुश्किल हो जाता है कि पैसा कहां से आया, किन रास्तों से गुजरा और आखिरकार किसके पास पहुंचा. यही वजह है कि एफएटीएफ ने दुनिया भर की एजेंसियों से ऐसे संदिग्ध फाइनेंसियल नेटवर्क पर कड़ी नजर रखने को कहा है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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