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ममता बनर्जी के कोलकाता लौटने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों ने उनसे तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में पुनर्विलय की संभावना के बारे में पूछा. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री बिना कुछ कहे जल्दी से अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से प्रस्थान कर गईं.
टीएमसी और कांग्रेस के विलय की अटकले लगाई जा रही थीं. (पीटीआई)
नई दिल्ली. कांग्रेस ने बुधवार को उन खबरों को पूरी तरह से गलत करार दिया, जिनमें दावा किया गया है कि पार्टी संसदीय दाल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात के दौरान विलय संबंधी विषय पर चर्चा हुई थी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दोनों नेताओं ने अपने व्यक्तिगत विषयों को लेकर चर्चा की थी. टीएमसी में बगावत के बीच ममता बनर्जी ने मंगलवार को सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की थी.
कुछ खबरों में दावा किया गया है कि दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से यह प्रस्ताव दिया गया कि ममता अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दें. रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात के बाद आई कुछ पूरी तरह से गलत हैं. यह बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण रही और उनके लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए कई व्यक्तिगत विषयों पर बातचीत हुई.’
ममता बनर्जी ने 1 जनवरी, 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की. उन्होंने देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व पर पश्चिम बंगाल में तत्कालीन सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आंदोलन संगठित करने में अनिच्छा का आरोप लगाया था.
हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के नवगठित लेकिन बहुमत वाले गुट के नेता और सदन में विपक्ष के आधिकारिक नेता ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के पुनर्मिलन की किसी भी संभावना से स्पष्ट रूप से इनकार किया.
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि हमारा गुट पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य तृणमूल कांग्रेस है. हमने 58 विधायकों के साथ शुरुआत की थी, और आज यह संख्या 64 है. मैंने सुना है कि तृणमूल कांग्रेस के 28 लोकसभा सदस्यों में से अधिकांश अब बागी गुट में हैं. हम मुख्य तृणमूल कांग्रेस हैं, इसलिए हमारी पार्टी के कांग्रेस में विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता.
पश्चिम बंगाल में भी राज्य कांग्रेस नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के पुनर्विलय की संभावना पर संशय जताया. पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के अनुसार ऐसी संभावना में दो प्रमुख कारक शामिल हैं. सरकार ने कहा कि पहला, जो भी कांग्रेस में वापस आना चाहेगा, उसे राहुल गांधी को अपना सर्वोच्च नेता स्वीकार करना होगा. दूसरा, यदि कोई यह सोचता है कि वह अपने भ्रष्टाचार के पुराने कृत्यों के कारण कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए कांग्रेस का इस्तेमाल ढाल के रूप में करेगा, तो यह स्वीकार्य नहीं होगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

