Last Updated:
अगरवुड, लाल चंदन, मालाबार नीम, पॉपलर और कैंडल ट्री जैसे 5 पेड़ों की खेती किसानों को लंबी अवधि में लाखों से करोड़ों रुपये तक की कमाई करा सकती है. जानिए लागत, मुनाफा, खेती का तरीका और जरूरी सावधानियां.
यूपी के संभल जनपद में यदि आप भी महंगे पेड़ों की बागवानी करने का प्लान बना रहे हैं, तो इन पांच पेड़ों की बागवानी कर सकते हैं. यह पेड़ ऐसे पेड़ है जो लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपए की इनकम कर देते हैं जिसमें अगरवुड,लाल चंदन,मालाबार नीम,पॉपुलर,कैंडल ट्री के पेड़ शामिल है. इन पेड़ों की बागवानी करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. यह पेड़ ऐसे पेड़ है. जो लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपए की इनकम कर देते हैं. यह पेड़ बहुत ही अच्छे और महंगी क्वालिटी के होते हैं. इसके साथ ही मार्केट में भी उनकी बहुत डिमांड रहती है. इसलिए इन पेड़ों की बागवानी करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.
संभल के किसान अगरवुड की खेती से 7-8 साल में लाखों कमा सकते हैं. इसे ग्रीन गोल्ड कहते हैं, क्योंकि इसकी रेजिन वाली लकड़ी से दुनिया का सबसे महंगा तेल निकलता है. दोमट मिट्टी और 20-35 डिग्री तापमान में 1 एकड़ में 500-600 पौधे 3×3 मीटर पर लगाएं. शुरुआती 2 साल ड्रिप सिंचाई और जैविक खाद दें. 5-6 साल बाद तने में खास फंगस डालने से रेजिन बनता है.
1 पेड़ से 20-25 किलो लकड़ी मिलती है जो 8-10 हजार रुपये किलो बिकती है. तेल की कीमत 5-10 लाख किलो है. 8 साल में 1 एकड़ से 80 लाख से 1 करोड़ तक कमाई होती है. कुल लागत 4-5 लाख आती है. पौध पर 50% सब्सिडी मिलती है. अरब देशों में भारी मांग है. CITES परमिट जरूरी है. जिला उद्यान विभाग से ट्रेनिंग लें.
Add News18 as
Preferred Source on Google
लाल चंदन की खेती संभल के किसानों के लिए 12-15 साल में करोड़ों का मुनाफा देने वाली फसल है. यह भारत का संरक्षित पेड़ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी भारी मांग है. इसकी लाल हार्टवुड दवा, कॉस्मेटिक, फर्नीचर, मूर्ति और धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल होती है. संभल की दोमट-बलुई मिट्टी और 25-35 डिग्री तापमान इसके लिए उपयुक्त है. 1 एकड़ में 3×3 मीटर की दूरी पर 400-450 पौधे लगाएं. पौधा 50-100 रुपये का मिलता है.
शुरुआती 3 साल तक ड्रिप सिंचाई और निराई-गुड़ाई जरूरी है. बाद में पेड़ कम पानी में भी बढ़ता है.15 साल में 1 एकड़ पर कुल खर्च 5-6 लाख तक आता है. राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड और वन विभाग पौध पर 50-75% सब्सिडी देता है. रोपण से पहले वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी है. 12-15 साल बाद 1 पेड़ से 20-25 किलो हार्टवुड मिलती है. बाजार भाव 8-12 हजार रुपये किलो है. ग्रेड A लकड़ी 20 हजार तक जाती है. 1 एकड़ से 15 साल बाद 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक कमाई हो सकती है.
मालाबार नीम की खेती संभल के किसानों के लिए 6-8 साल में अच्छा मुनाफा देती है. यह तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है. इसकी लकड़ी प्लाईवुड, पेपर और पैकिंग में इस्तेमाल होती है. दोमट मिट्टी, 20-40 डिग्री तापमान उपयुक्त है. 1 एकड़ में 2×2 मीटर पर 1000-1100 पौधे लगाएं. शुरुआती 1 साल सिंचाई दें, बाद में कम पानी चाहिए. 6 साल में 1 पेड़ 200-250 किलो लकड़ी देता है. 1 एकड़ से 6-8 साल में 8-10 लाख रुपये कमाई होती है. बाजार भाव 6-8 रुपये किलो है. वन विभाग से पौध मिलती है. कम समय में अच्छी आय.
संभल के किसान पॉपलर की खेती से 5-6 साल में अच्छी कमाई कर सकते हैं. यह तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है. इसकी लकड़ी प्लाईवुड, माचिस, पेपर और फर्नीचर में इस्तेमाल होती है. दोमट मिट्टी, अच्छी नमी और 5-45 डिग्री तापमान उपयुक्त है. 1 एकड़ में 4×4 मीटर पर 250-300 पौधे लगाएं. शुरुआती 2 साल तक इसकी सिंचाई जरूरी है. गेहूं, गन्ना, हल्दी जैसी फसलें बीच में ले सकते हैं. 5-6 साल में 1 पेड़ 1-1.2 क्विंटल लकड़ी देता है. बाजार भाव 800-1200 रुपये क्विंटल है. 1 एकड़ से 5 साल में 4-5 लाख शुद्ध मुनाफा होता है. कृषि विभाग से पौध मिलती है.
कैंडल ट्री की खेती संभल के किसान कर सकते हैं. इसे इंडियन वॉलनट भी कहते हैं. इसके बीज से तेल निकलता है. जो साबुन, पेंट, बायोडीजल और कैंडल बनाने में काम आता है. दोमट मिट्टी, अच्छी जल निकासी और 20-35 डिग्री तापमान उपयुक्त है. 1 एकड़ में 5×5 मीटर पर 160-170 पौधे लगाएं. 4-5 साल में फल देना शुरू करता है. 1 पेड़ से सालाना 80-100 किलो बीज मिलते हैं. तेल 40-50% निकलता है. बाजार भाव 100-150 रुपये किलो बीज है. 1 एकड़ से सालाना 1.5-2 लाख कमाई संभव है. यह कम पानी में भी उगता है. उद्यान विभाग से पौध लें.

