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कठुआ के जंगलों में हाल में तीन ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी गई. दरअसल, शादी में गए लोग जंगल में रास्ता भटक कर आतंकियों वाले हिस्सों में चले गए थे. हत्या के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मचा है. घटना के बाद से जा…और पढ़ें
घाटी में आतंकियों के सफाया को लेकर बैठक.
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिला में तीन लोगों की निर्मम हत्या के बाद जांच और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. ऊंचाई वाले इलाके आतंकियों के गढ़ बने हुए हैं. अब उनकी पूर्ण सफाया पर हाई लेवल की मीटिंग चल रही है. शीर्ष अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक में भाग लेने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी जम्मू-कश्मीर के शीर्ष पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों जम्मू पहुंच चुके हैं. इस बैठक में आतंकवादियों को खत्म करने की रणनीति पर चर्चा होगी.
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की जम्मू क्षेत्र में गृह सचिव की यह पहली सुरक्षा समीक्षा होगी. उन्होंने इससे पहले स्थिति का आकलन करने के लिए कश्मीर का दौरा किया था. गृह सचिव के साथ बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी आज यहां पहुंचे. उन्होंने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) का दौरा भी किया था. जम्मू-कश्मीर के प्रभारी गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सीआरपीएफ और खुफिया ब्यूरो (आईबी) सहित अन्य अर्धसैनिक बलों के प्रमुख भी बैठक में शामिल होंगे.
सूत्रों के अनुसार आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहेंगे. तीन घंटे से अधिक समय की बैठक जम्मू कन्वेंशन सेंटर में होगी. जिलों के एसएसपी भी इसमें शामिल हो सकते हैं. पूरे जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी. वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी केंद्रीय गृह सचिव को जम्मू क्षेत्र को आतंकवाद से मुक्त बनाने के लिए स्थिति और रोडमैप पर विस्तृत जानकारी देंगे. जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल दुल्लू, गृह सचिव चंद्राकर भारती, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात, अतिरिक्त डीजी सीआईडी नीतीश कुमार, आईजीपी जम्मू जोन भीम सेन टूटी आईजीपी कश्मीर वीके बिर्दी और बीएसएफ, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल होंगे.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी और पुंछ जिलों के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों की मौजूदगी से चिंतित है. सेना, अर्धसैनिक बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) और विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा संयुक्त रूप से आतंकवादियों को बेअसर करने के लिए एक रणनीति तैयार की जा सकती है. सुरक्षा एजेंसियां सर्दियों में आतंकवादियों को खत्म करने में सफलता की उम्मीद कर रही थीं लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आतंकवादियों के सॉफ्ट टारगेट पर हमला करने की प्लानिंग चल रही है. कल की बैठक में आतंकवादियों को बेअसर करने के लिए एक योजना पर चर्चा होगी. अधिकांश आतंकी पाकिस्तानी हैं.
सुरक्षा एजेंसी का मानना है कि आतंकवादी बिना स्थानीय समर्थन के इतने लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकते. खासकर खाना और गर्म कपड़ों के. इस साल अब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 4,5 और 11 फरवरी को तीन उच्च स्तरीय बैठकों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है. 19 दिसंबर, 2024 को भी इसी तरह की बैठक की अध्यक्षता की थी.
Jammu and Kashmir
March 09, 2025, 12:08 IST

