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Puducherry Election Results 2026: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने दक्षिण भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है. मुख्यमंत्री एन रंगासामी के नेतृत्व में एनडीए ने बहुमत हासिल कर लिया है. बीजेपी और एआईएनआरसी के इस गठबंधन ने कांग्रेस और डीएम के के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. जानिए कैसे पीएम मोदी के इस खास सहयोगी ने दक्षिण में बीजेपी का खूंटा गाड़ दिया है.

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी. (File Photo)
Puducherry Election Results 2026: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के रुझान अब साफ हो चुके हैं. केंद्र शासित प्रदेश में एक बार फिर एन रंगासामी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनने जा रही है. मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने अपनी परंपरागत सीट थट्टानचवडी से 4336 से ज्यादा वोटों के अंतर से बढ़त बनाकर अपनी लोकप्रियता साबित कर दी है. चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 30 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए 11 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है. इसमें रंगासामी की पार्टी एआईएनआरसी 9 सीटों पर और बीजेपी 2 सीटों पर लीड कर रही है. यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि दक्षिण भारत में पैर पसारने की कोशिश कर रही बीजेपी के लिए रंगासामी एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरे हैं. उन्होंने साबित कर दिया है कि स्थानीय नेतृत्व और केंद्र की नीतियों का मेल किसी भी किले को फतह कर सकता है.
पुडुचेरी में कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन बुरी तरह फेल
इस चुनाव में कांग्रेस और डीएमके ने मिलकर एनडीए को चुनौती देने की पूरी कोशिश की थी. हालांकि शुरुआती रुझान उनके लिए बेहद निराशाजनक रहे हैं. कांग्रेस महज 1 सीट पर सिमटती दिख रही है जबकि डीएमके 2 सीटों पर आगे है. एग्जिट पोल ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि एनडीए को 16 से 20 सीटें मिल सकती हैं. पीपल पल्स और एक्सिस माई इंडिया जैसे सर्वे के अनुमान अब हकीकत में बदलते दिख रहे हैं. इंडिया गठबंधन की यह हार दक्षिण में उनके भविष्य के लिए बड़े सवाल खड़े करती है. यहां तक कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके का भी कोई खास असर देखने को नहीं मिला है. विजय की पार्टी कई सीटों पर खाता खोलने के लिए भी संघर्ष करती नजर आई.
एन रंगासामी को क्यों माना जाता है पीएम मोदी का खास?
एन रंगासामी की राजनीति करने का स्टाइल बिल्कुल अलग है. वे बेहद साधारण जीवन जीते हैं और जनता के बीच ‘मक्कल मुतल्वर’ यानी जनता के मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते हैं. पीएम मोदी ने भी कई मौकों पर रंगासामी के काम की तारीफ की है. रंगासामी ने पुडुचेरी में बीजेपी को वह जमीन दी जिसकी उसे लंबे समय से तलाश थी. सीट शेयरिंग में एआईएनआरसी ने 16 और बीजेपी ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इस तालमेल ने विपक्षी वोटों को बिखरने नहीं दिया. रंगासामी की योजनाओं और केंद्र सरकार के फंड ने मिलकर पुडुचेरी के विकास को नई रफ्तार दी है. यही वजह है कि जनता ने लगातार दूसरी बार उन पर भरोसा जताया है.
विजय की पार्टी टीवीके का डेब्यू कैसा रहा?
दक्षिण की राजनीति में फिल्मी सितारों का हमेशा से बड़ा दबदबा रहा है. अभिनेता विजय ने अपनी पार्टी तमिलनाडु वेत्री कझगम (टीवीके) के जरिए पुडुचेरी में पैर जमाने की कोशिश की थी. उन्होंने नाम तमिलर काची के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा. एक्सिस माई इंडिया ने उन्हें 2 से 4 सीटें मिलने का अनुमान जताया था. हालांकि असल नतीजों में वे एनडीए की आंधी के सामने टिक नहीं पाए. रंगासामी के कद के सामने विजय का जादू बेअसर साबित हुआ. पुडुचेरी की जनता ने फिलहाल किसी नए प्रयोग के बजाय अनुभव और भरोसेमंद चेहरे को चुनना ही बेहतर समझा.
अगले पांच साल पुडुचेरी के लिए क्या मायने रखते हैं?
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है. नई सरकार के पास विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. एनडीए की इस जीत से केंद्र और पुडुचेरी के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद है. रंगासामी ने वादा किया है कि वे पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए काम करेंगे. दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए पुडुचेरी अब एक मॉडल राज्य बन चुका है. यहां से मिली जीत का उत्साह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के चुनावों में भी देखने को मिल सकता है.
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दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें

