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Nandan Nilekani News: आधार कार्ड के जनक कहे जाने वाले नंदन नीलेकणि के साथ ही एसआईआर वाला कांड हो गया है. जी हां, इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि और उनके परिवार का नाम कर्नाटक की SIR विसंगति सूची यानी एसआईआर गड़बड़ी लिस्ट में आया है. 2002 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने के कारण उन्हें नोटिस मिलने की संभावना है. अंतिम वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखने के लिए उन्हें जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. इस सूची में वैज्ञानिक CNR राव और पद्मश्री विजेता हरेकला हजब्बा का नाम भी शामिल है.
इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि और परिवार का नाम SIR की विसंगति सूची में, जल्द मिल सकता है नोटिस
Nandan Nilekani SIR News: भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का एसआईआर विवाद अभी थमा नहीं है. पंजाब के वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम हटने से सियासी घमासान है. इस बीच एक और एसआईआर कांड ने हलचल पैदा कर दी है. जी हां, अबकी बार पीएम मोदी के भरोसेमंद माने जा रहे नंदन नीलेकणि का नाम ही एसआईआर की गड़बड़ी वाली लिस्ट में है. कर्नाटक में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के दौरान चुनाव आयोग की गड़बड़ी वाली लिस्ट में इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि और उनके परिवार के सदस्यों के नाम शामिल किए गए हैं.
नंदन नीलेकणि को मिलेगा नोटिस
इस लिस्ट में 71 साल के नंदन नीलेकणि, उनकी पत्नी रोहिणी (67 साल) और उनके बच्चे जान्हवी (38 साल) और निहार (36 साल) शामिल हैं. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान उन्हें नोटिस मिल सकता है. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी के नाम के सामने ‘Unmapped with last SIR’ लिखा गया है. इसका मतलब है कि 2002 की मतदाता सूची में इनके नाम नहीं मिले हैं.
अब नंदन नीलेकणि को क्या करना होगा?
दरअसल, नंदन नीलेकणि परिवार का नाम BTM लेआउट निर्वाचन क्षेत्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है. वे कोरमंगला के थर्ड ब्लॉक में रेड्डी जनसंघ हाई स्कूल में वोट डालते हैं. फाइनल वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को जारी होगी. इसमें शामिल होने की अपनी योग्यता साबित करने के लिए उन्हें चुनाव आयोग द्वारा स्वीकार किए गए 11 डॉक्यूमेंट्स में से कोई एक डॉक्यूमेंट देना होगा.
नंदन नीलेकणि ने 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा था
यहां बताना जरूरी है कि नंदन नीलेकणि ने 2014 में बैंगलोर साउथ से लोकसभा चुनाव लड़ा था. हालांकि,वह भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार से 2.28 लाख वोटों से हार गए थे. इन्हें भारत में आधार कार्ड का जनक भी कहा जाता है. नीलेकणि यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के संस्थापक अध्यक्ष भी रह चुके हैं. आज के वक्त में UIDAI ही आधार कार्ड से जुड़ी व्यवस्था को संभालने वाली संस्था है.
वैज्ञानिक CNR राव और पद्मश्री विजेता हरेकला हजब्बा का भी नाम
चुनाव आयोग की एसआईआर की गड़बड़ी वाली लिस्ट में मशहूर वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रो. सीएनआर राव और पद्म श्री पुरस्कार विजेता हरेकला हजब्बा का नाम भी शामिल है. राव का नाम 2002 की लिस्ट से मिसमैच होने के कारण मार्क किया गया था, लेकिन बेंगलुरु अर्बन डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर महेश्वर राव ने कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा गया है और उनके बूथ-लेवल ऑफिसर ने फाइनल लिस्ट में उन्हें शामिल करने की सिफारिश की है. हजब्बा को उनके नाम में मिसमैच के कारण नोटिस मिला है. ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल 4.46 करोड़ वोटर्स में से 43.81 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए हैं. उन्हें 22 अक्टूबर तक बूथ लेवल ऑफिसर्स के पास ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे.
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