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India Quantum Weapons: सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सैन्य क्वांटम मिशन नीति ढांचा जारी किया, जिससे भारतीय सेना क्वांटम टेक्नोलॉजी के चार स्तंभों पर सुपरपावर बनने की राह पर है. मिलिट्री क्वांटम मिशन नीति ढांचा’ के दृष्टिपत्र में क्वांटम प्रौद्योगिकियों को शामिल करने की दिशा में तालमेल कायम करने, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के साथ संरेखण करने और रक्षा बलों में इसे लागू करने के लिए एक सांकेतिक रूपरेखा और नीति तैयार करने के लिए आगे का रास्ता परिभाषित किया गया है.
सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए एडवांस साइंस का सहारा ले रहा है. (फाइल फोटो)नई दिल्ली. भारतीय सेना अब भविष्य की जंग लड़ने के लिए हाई-टेक होने जा रही है. सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने दुश्मनों को मात देने के लिए एक बड़ा दांव चला है. उन्होंने तीनों सेनाओं के लिए ‘सैन्य क्वांटम मिशन नीति ढांचा’ जारी किया है. इसका मकसद आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को क्वांटम टेक्नोलॉजी से लैस करना है. बदलती दुनिया में भारत अब तकनीकी तौर पर सुपरपावर बनने की राह पर है. इस नई पॉलिसी से सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अब युद्ध के मैदान में भारत का पलड़ा भारी रहेगा. यह मिशन नेशनल क्वांटम मिशन के साथ मिलकर काम करेगा.
क्वांटम टेक्नोलॉजी के 4 स्तंभों पर टिकी है सेना की नई रणनीति
रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यह बदलाव बहुत बड़ा है. इस मिशन का मुख्य उद्देश्य क्वांटम टेक्नोलॉजी के चार अहम स्तंभों को अपनाना है. इसमें क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग सबसे अहम हैं. इसके अलावा क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी पर भी जोर दिया जाएगा. चौथा स्तंभ क्वांटम सामग्री और उपकरण है. इन चारों के मिलने से सेना का कम्युनिकेशन अभेद्य हो जाएगा. दुश्मन न तो हमारी बातें सुन पाएगा और न ही हमारे सिस्टम को हैक कर पाएगा. यह टेक्नोलॉजी सेना को एक अदृश्य शक्ति देगी.
फ्यूचर वॉर के लिए तैयार हो रही सेना, तकनीक में मिलेगी बादशाहत
दुनिया तेजी से बदल रही है और युद्ध के तरीके भी बदल रहे हैं. सीडीएस चौहान का यह विजन दस्तावेज इसी बदलाव की तैयारी है. इसका मकसद ग्लोबल लेवल पर तकनीकी प्रभुत्व हासिल करना है. भविष्य के युद्धक्षेत्र में वही जीतेगा जिसके पास बेहतर तकनीक होगी.
* तीनों सेनाओं में बेहतर तालमेल बनेगा.
* नेशनल क्वांटम मिशन के साथ मिलकर काम होगा.
* दुश्मनों की हर चाल पहले ही नाकाम होगी.
* भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए एडवांस साइंस का सहारा ले रहा है.
रक्षा बलों के लिए तैयार हुई रूपरेखा, अब एक्शन के मूड में भारत
इस पॉलिसी में साफ बताया गया है कि आगे कैसे बढ़ना है. क्वांटम टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए एक सॉलिड रोडमैप तैयार किया गया है. यह सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है बल्कि एक एक्शन प्लान है. इसे सशस्त्र बलों में लागू करने के लिए नीति बनाई गई है. इससे भारत की डिफेंस पावर को एक नई दिशा मिलेगी. अब भारत अपनी सुरक्षा के लिए सिर्फ पारंपरिक हथियारों पर नहीं बल्कि फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहेगा. यह कदम भारत को दुनिया के ताकतवर देशों की कतार में खड़ा कर देगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

