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oi-Ankur Sharma
Womens Day 2025, Oneindia Exclusive: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि यह महिलाओं के योगदान को स्वीकार करने और समाज में समानता लाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेने का मौका है, हमारे देश में अब महिलाएं पहले से अधिक जागरूक हैं।
वो अपने अधिकारों को जानती हैं, समझती हैं और लगातार आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं। कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां पर महिलाओं ने खुद की योग्यता को साबित ना किया हो।

कला और संस्कृति के क्षेत्र की बात करें तो एक गायिका ने नॉन फिल्मी बैकग्राउंड के होते हुए भी बीते 25 सालों से अपनी गायिकी से सबके दिलों में जगह बनाई है।
जी हां, हम यहां पर बात कर रहे हैं ‘कभी राम बनकर, कभी श्याम बनकर’, भजन के जरिए घर-घर में लोकप्रिय हुई गायिका तृप्ति शाक्या की, जिन्होंने ना केवल गीत, गजल या भजन गाएं हैं बल्कि अपने संगीत के जरिए वो महिलाओं और लड़कियों को पढ़ने-लिखने के प्रति जागरुक भी कर रही हैं।
मूल रूप से यूपी के औरैया की रहने वाली तृप्ति शाक्या आज करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणाश्रोत हैं। अपने दम पर संगीत की दुनिया में खास जगह बनाने वाली तृप्ति शाक्या ने महिला दिवस 2025 के खास अवसर पर वनइंडिया हिंदी से बातचीत की। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में तृप्ति ने अपने अब तक के खूबसूरत सफर और महिलाओं की स्थिति के बारे में खुलकर बातें की।
हम महिलाओं का सम्मान करें: तृप्ति शाक्या
उन्होंने कहा कि ‘बतौर महिला हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम महिलाओं का सम्मान करें, चाहे वो किसी भी एज ग्रुप की हो, चाहे वो बच्ची ही क्यों ना हो, आजकल बहुत जनजागरण हुआ है और हो रहे हैं, जिसकी वजह से हमने बहुत सारी बुराइयों को काफी हद तक खत्म करने का प्रयास किया है, जैसे कि भ्रुण हत्या ।’
‘बेटियों के प्रति जो सम्मान होना चाहिए, बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ.. इस तरह के जो नारे आए, उसे सरकार ने भी काफी सपोर्ट किया, जन जागरूकता के लिए , मैंने भी बहुत सारे गीत गए, मुझे लगता है कि हम सबको ये बात अपने-अपने जेहन में डाल देनी चाहिए कि नारी का सम्मान बहुत जरूरी है।’
‘आज लोगों की मानसिकता बदल रही है’ (Tripti Shakya)
‘बेटियां जहां भी हों उनके पैदा होने होने पर खूब खुशी मनानी चाहिए, पहले क्या होता था कि लोग मायूस हो जाते थे, सेलिब्रेशन नहीं होता था और बेटा पैदा होने पर धूमधाम से खुशियां मनाई जाती थी लेकिन अब वक्त बदला है। आज तो पैरेंटस खुद चाहते हैं कि उनके घर में लक्ष्मी के रूप में बेटी का आगमन हो, आज लोगों की मानसिकता बदल रही है, अब मातम या निराशा नहीं होती है, ये सब देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है।’
इसी के साथ तृप्ति शाक्या ने युवा गायकों को एक नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि ‘मैं आज के युवा गायकों के अंदर रातों-रात स्टार बनने की जो होड़ होती है, उसकी वजह से वो कभी-कभी रास्ते से भटक जाते हैं, उनको चीजें उनके अनुरूप नहीं मिलती हैं तो निराश हो जाते हैं, उनका आत्मविश्वास खत्म हो जाता है, उनका दिल टूट जाता है। ‘
समय लगता है कि किसी भी चीज में पाने में, निरंतर करें मेहनत (Tripti Shakya)
‘तो मैं बस उनसे यही कहना चाहती हूं कि मेहनत करना आपका काम है, आपके भाग्य में अगर सफलता लिखी है तो उसे कोई बदल भी नहीं सकता है। हां समय लगता है कि किसी भी चीज में पाने में, इसके लिए लगातार आपको सीखना पड़ेगा और मेहनत करनी पड़ेगी। बिना अभ्यास के कुछ भी हासिल नहीं होता है। धैर्य रखिए और आत्मविश्वास के साथ अपना काम कीजिए, आपको सफलता जरूर मिलकर रहेगी।‘
यहां देखें पूरा इंटरव्यू
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