India
oi-Bhavna Pandey
Udaya Kumar Dharmalingam ₹ symbol designer: तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने रुपये के सिंबल ₹ को नया तमिल स्वरूप देने का कदम उठाया है। जिस पर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 2025-26 के लिए बजट पेश करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें एक नया लोगो दिखाया गया है, जिसमें राष्ट्रीय रुपए के चिन्ह को तमिल अक्षर ‘रु’ से बदल दिया गया है।
14 मार्च को राज्य विधानसभा में पेश किए जाने वाले इस महत्वपूर्ण बदलाव ने न केवल विवाद को जन्म दिया है, बल्कि भाजपा इसकी जमकर आलोचना भी कर रही है आपको जानकार हैरानी होगी कि ₹ सिंबल के डिजाइनर उदय कुमार धर्मलिंगम तमिलनाडु से ही और उनका स्टालिन की डीएमके से भी खास कनेक्शन हैं। आइए जानते हैं कौन हैं उदय कुमार धर्मलिंगम?

गौरतलब है कि भारतीय रुपये में ₹ सिंबल जो हमारे देश की राष्ट्रीय पहचान और ताकत बन चुका है। उसे 15 जुलाई, 2010 को कांग्रेस के प्रतिनिधित्व वाली यूपीए की सरकार में अपनाया गया था। उस समय तमिलनाडु की डीएमके भी यूपीए सरकार का हिस्सा थी और आज वो ही डीएमके ₹ सिंबल को बदलने का फैसला लिया है।
कौन हैं डिज़ाइनर उदय कुमार धर्मलिंगम?
₹ सिंबल के डिजाइनर उदय कुमार धर्मलिंगम हैं। उदय कुमार आईआईटी बॉम्बे डिज़ाइनर पोस्टग्रेजुएट और वर्तमान में आईआईटी गुवाहाटी के प्रोफेसर हैं।
उदय कुमार धर्मलिंगम की एजुकेशन
चेन्नई के ला चेटेलाइन जूनियर कॉलेज में पढ़ाई से उदय कुमार ने पढ़ाई की है। चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग (एसएपी) से आर्किटेक्चर में 2001 में ग्रेजुएशन की डिग्री (BArch) हासिल की है। इसके बाद 2003 में उदय कुमार ने आईआईटी बॉम्बे के इंडस्ट्रियल डिज़ाइन सेंटर (IDC) से विजुअल कम्युनिकेशन में एम.डी.ई. की मास्टर डिग्री हासलि की है। आईडीसी में डॉक्टरेट की पढ़ाई की और 2010 में उदय कुमार धर्मलिंगम ने पीएचडी की उपाधि हासिल की।
कैसे उदय कुमार धर्मलिंगम का सिंबल ₹ हुआ था सलेक्ट?
डिजाइनर उदय कुमार धर्मलिंगम के द्वारा तैयार किए गए ₹ सिंबल को एक कठिन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए आज से 15 साल पहले चुना गया था। इसके लिए पूरे देश में 3,300 से अधिक अप्लीकेशन प्राप्त हुई थीं।
₹ सिंबल की खासियत?
उदय कुमार द्वारा भारतीय रुपये के प्रतीक की शुरुआत भारत के वित्तीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था, जो भारत की राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा बन चुका है। देवनागरी और रोमन लिपि को मिलाकर बना ये सिंबल न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में इसकी पहचान को भी सुगम बनाया। इसके डिज़ाइन में भारतीय तिरंगे को दर्शाने वाले एलिमेंट शामिल हैं, बल्कि समानता की अवधारणा को भी शामिल किया गया था, जिसे ‘बराबर’ सिंबल द्वारा दर्शाया गया था।
उदय कुमार का डीएमके से है खास कनेक्शन?
उदय कुमार धर्मलिंगम का सीएम एमके स्टालिन की डीएमके से खास कनेक्शन हैं। उदय कुमार के पिता एन धर्मलिंगम एक पूर्व डीएमके विधायक थे, जो तमिलनाडु में ऋषिवंदियम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे।
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