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Who is IPS Sandeep Chaudhary: पहलगाम आतंकी हमले की जांच का नेतृत्व करने वाले IPS संदीप चौधरी को 2026 के केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है. 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इस केस में चौधरी मुख्य जांच अधिकारी थे. वह 2012 बैच के IPS अधिकारी हैं और फिलहाल एनआईए में डीआईजी के पद पर तैनात हैं. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए उन्हें नौ बार वीरता पदक मिल चुका है. उनकी जिंदगी की कहानी भी खास है. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने खुद पढ़ाई की और UPSC में पहले ही प्रयास में 158वीं रैंक हासिल की.
पहलगाम आतंकी हमले की जांच के मुख्य अधिकारी रहे IPS संदीप चौधरी को 2026 का केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक मिला है.
पहलगाम आतंकी हमले की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले IPS अधिकारी संदीप चौधरी को केंद्र सरकार ने खास सम्मान दिया है. उन्हें साल 2026 के लिए केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है. यह पदक उन्हें जांच के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम के लिए मिला है. 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए को सौंपी गई थी. संदीप चौधरी इस केस के मुख्य जांच अधिकारी थे. उन्होंने जांच की अगुवाई की और हमले के पीछे शामिल आतंकी नेटवर्क से जुड़े अहम नामों तक पहुंचने में भूमिका निभाई.
संदीप चौधरी फिलहाल NIA में पुलिस उपमहानिरीक्षक यानी DIG के पद पर तैनात हैं. वह 2012 बैच के एजीएमयूटी कैडर के IPS अधिकारी हैं. जम्मू-कश्मीर में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने शोपियां, अनंतनाग और श्रीनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम किया. आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनकी भूमिका के लिए उन्हें नौ बार वीरता पदक भी मिल चुका है. लेकिन उनकी कहानी सिर्फ पुलिस सेवा और आतंकवाद के खिलाफ अभियानों तक सीमित नहीं है. बताया जाता है कि उन्होंने नियमित कॉलेज में पढ़ाई किए बिना और कोचिंग के सहारे के बगैर कई सरकारी परीक्षाएं पास कीं. उनकी यह यात्रा उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं.
पहलगाम हमले की जांच में निभाई अहम भूमिका
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. घटना के बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली. संदीप चौधरी को इस केस का मुख्य जांच अधिकारी बनाया गया. जांच के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हाफिज सईद और साजिद जट्ट समेत कई लोगों के नाम आरोपपत्र में शामिल किए गए. इस मामले में उनकी भूमिका जांच का नेतृत्व करने की थी. यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आरोपपत्र में नाम शामिल होना किसी आरोपी की गिरफ्तारी या दोषसिद्धि के बराबर नहीं है.
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुभव
NIA में आने से पहले संदीप चौधरी जम्मू-कश्मीर में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं. वह शोपियां, अनंतनाग और श्रीनगर में एसएसपी रहे. इस दौरान उन्होंने कई आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया. उनके काम को देखते हुए उन्हें नौ बार वीरता पदक से सम्मानित किया गया. इसके अलावा सेना प्रमुख, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान और सीआरपीएफ सहित कई संस्थाओं से प्रशस्ति पदक भी मिले हैं.
पंजाब से शुरू हुआ सफर
संदीप चौधरी मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं. उनकी शुरुआती जिंदगी आसान नहीं रही. बताया जाता है कि जब वह 12वीं कक्षा में थे तब बोर्ड परीक्षा से छह दिन पहले उनके पिता का निधन हो गया. परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ने के कारण वह नियमित कॉलेज में दाखिला नहीं ले सके. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू के माध्यम से पढ़ाई जारी रखी और खुद तैयारी की.
12 सरकारी परीक्षाएं पास करने का दावा
उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक संदीप चौधरी ने UPSC से पहले करीब 12 सरकारी परीक्षाएं पास की थीं. इनमें डाक विभाग की क्लर्क परीक्षा, बैंक पीओ, कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाएं, बीएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट, नाबार्ड और यूजीसी नेट शामिल हैं. उन्होंने बिना औपचारिक कोचिंग के पढ़ाई जारी रखी. नौकरी करते हुए भी उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाने का था.
पहले प्रयास में हासिल की 158वीं रैंक
संदीप चौधरी ने 2014 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा का पहला प्रयास दिया. इसमें उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 158 हासिल की और IPS के लिए चयनित हुए. इसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. अब पहलगाम हमले की जांच में उनकी भूमिका के लिए मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है.
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सुमित कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक उभरता और सक्रिय नाम हैं. वर्तमान में वे News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और सेंट्रल डेस्क टीम का हिस्सा हैं. पिछले चार साल से वे Network18

