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देश में बढ़ते साइबर अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने बड़ा फैसला िलया है. सरकार व्हाट्सएप आईडी मामले का अध्ययन करेगी. सरकार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मेटा को नोटिस भेजने पर भी विचार किया जाएगा. सरकार को आशंका है कि नए फीवरी की वजह से ऑनलाइन फ्रॉड के मामले और बढ़ सकते हैं.
जरूरत पड़ने पर मेटा को नोटिस भेजा सकता है.
नई दिल्ली. देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केन्द्र सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है. इससे ऐसे क्रिमिनल्स पर लगाम लग सकता है. सरकार व्हाट्सएप से जुड़े नए फीचर्स और उनकी सुरक्षा की जांच कराएगी. सरकार का कहना है कि यदि जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो मेटा (Meta) को नोटिस भेजने पर भी विचार किया जाएगा. सरकार को आशंका है कि व्हाट्सएप आईडी से जुड़े कुछ नए फीचर्स का गलत इस्तेमाल कर साइबर ठग लोगों को निशाना बना सकते हैं.
सूत्रों के अनुसार सरकार इस पूरे मामले में सुरक्षा और गोपनीयता की जांच करेगी. इसका यह मकसद होगा कि कहीं इस सुविधा का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान या डिजिटल धोखाधड़ी के लिए तो नहीं किया जा सकता. यदि किसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आता है तो आवश्यक कार्रवाई क जाएगी.
साल भर में 11 लाख से अधिक मामले दर्ज
देश में पिछले कुछ सालों से साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़े हैं. ये साइबर क्रिमिनल खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी, सरकारी एजेंसी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से बैंक खाते, ओटीपी और अन्य गोपनीय डिटेल्स लेकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार साल 2024 में देशभर में साइबर ठगी के 11 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए.
व्हाट्सएप अकाउंट से लेकर मोबाइल नंबर तक ब्लॉक
ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार पहले भी बड़े कदम उठा चुकी है. इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डीनेशन सेंटर (I4C) ने डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 83,668 से अधिक व्हाट्सएप अकाउंट, 3,962 स्काइप आईडी, 7.81 लाख से ज्यादा सिम कार्ड और 2.08 लाख से अधिक मोबाइल आईएमईआई को ब्लॉक किए हैं. साथ ही साइबर फाइनेंस धोखाधड़ी रिपोर्टिंग सिस्टम के माघ्मय से अब तक 13.36 लाख से अधिक शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए करीब 4,386 करोड़ रुपये बचाए गए हैं.
शिकायत दर्ज होने से रुपए मिलने की संभावना ज्यादा
सरकार ने लोगों की मदद के लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन भी शुरू कर रखी है, जहां ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. अधिकारियों का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने पर रुपए वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

