लगातार बारिश होने से गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। बनारस में गंगा का जलस्तर 63 मीटर पर पहुंच गया है। ऐसी ही रफ्तार बढ़ती रही तो लोगों के लिए मुश्किल हो जाएगी।

धीमी रफ्तार को देखते हुए नाविक, पुरोहित, छोटे दुकानदार समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहाड़ों ,नेपाल और एमपी छतीसगढ़ में लगातरा बारिश को देखते हुए अगले कुछ दिनों में जलस्तर के तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए घाट किनारे रहने वालों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शनिवार को 62.80 तो सोमवार को हुआ 63.02 मीटर जलस्तर
बीते हफ्ते गंगा का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा था। बीते हफ्ते के सोमवार से लेकर गुरुवार तक करीब 3 मीटर से ज्यादा की बढोतरी गंगा में देखी गयी थी, लेकिन 62.58 मीटर तक पहुंचने के बाद शुक्रवार से गंगा में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है। शनिवार देर रात गंगा का जलस्तर 62.80 था। जिसके बाद रविवार की रात गंगा का जलस्तर करीब 14 सेंटीमीटर बढ़कर 62.94 मीटर हो गया। सोमवार की रात 8 बजे जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर 63.02 मीटर तक पहुंच गया। इसकी वजह से गंगा किनारे के लगभग सभी निचले घाटों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया। इससे पर्यटक अब घाटों पर चहलकदमी करते हुए एक से दूसरे घाट तक नहीं जा पा रहे हैं।
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घाटवासियों ने तैयारियां शुरू की
पहाड़ों के साथ नेपाल और एमपी-छतीसगढ़ में हो रही लगातार बारिश से गंगा समेत सहायक नदियों में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अगले कुछ दिनों में बनारस में दिख सकता है। तेजी से जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए घाट किनारे रहने वाले लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुरोहित अपनी पूजा की चौकियां तो मल्लाहों ने अपने नावों को बांधना और रात में निगरानी अपने स्तर से शुरू कर दी है। रविवार को मंडल आयुक्त एस राज लिंगम और जिला अधिकारी सतेंद्र कुमार ने अस्सी घाट पहुंच कर गंगा का हाल देखा। आपदा प्रबंधन से जुड़ी जल पुलिस, एनडीआरएफ, बाढ़ राहत शिविर समेत घाट किनारे की पुलिस चौकियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।


