ईरान, रूस और हिजबुल्लाह कैसे फेल हुए
ईरान, रूस और हिजबुल्लाह ने सीरिया के गृहयुद्ध को पलटने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन, उत्तर-पश्चिम में इदलिब पर अभी भी अल-कायदा और तुर्की समर्थित आतंकवादियों का नियंत्रण है। 2020 से रूस-तुर्की समझौते के तहत इस क्षेत्र में नाजुक युद्धविराम हुआ था। हाल के महीनों में सीरिया की स्थिति खतरनाक हो गई है। इस वक्त हिजबुल्लाह, इजरायल से लड़ने में व्यस्त था। रूस, यूक्रेन युद्ध में व्यस्त हैं। ईरान सीरिया में सक्रिय है, लेकिन उसकी अपनी समस्याएं हैं। हाल के हफ्तों में इजरायल ने बड़े पैमाने पर बमबारी करके सीरिया को तबाह कर दिया है। ऐसे में मौका देखकर अल-कायदा और इदलिब के अन्य आतंकवादी अलेप्पो पर हमला कर रहे हैं।
सीरिया में 218 की मौत
ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने सीरिया के अंदर मौजूद सूत्रों के आधार पर बताया, “बुधवार से इदलिब और अलेप्पो के ग्रामीण इलाकों में चल रहे अभियान में लड़ाकों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 218 हो गया है।” लड़ाकों के अलावा, 24 नागरिकों के मारे जाने की भी सूचना है। ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि सीरियाई सहयोगी रूस ने गुरुवार को हवाई हमले किए, जिसमें 19 नागरिक मारे गए, जबकि एक दिन पहले सीरियाई सेना की गोलाबारी में एक अन्य नागरिक मारा गया था। गुरुवार को ऑब्जर्वेटरी ने बताया था कि मृतकों की कुल संख्या लगभग 200 है, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं।

