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Success Story : ताशन क्लब चेन और ताशन बॉली स्टूडियो के फाउंडर अमित मजीठिया ने 9वीं कक्षा के बाद से ही पढ़ाई छोड़ दी थी और कारोबार की दिशा में मुड़ गए. तब परिवार सहित तमाम लोगों ने उनकी आलोचना की, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से आज वह 2,000 करोड़ से भी ज्यादा का बिजनेस चलाते हैं. उन्होंने असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 124 मकान बनाने का भी बीड़ा उठाया है.
ताशन क्लब के फाउंडर अमित मजीठिया ने असम में 124 घर बनाने का बीड़ा उठाया है.
नई दिल्ली. योग्यता और टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती है. यह बात अमित मजीठिया पर एकदम सटीक बैठती है. जिस उम्र में बच्चों का मन खेलकूद और स्कूल की शरारतों में लगता है, उस उम्र में अमित पढ़ाई छोड़ अपना भविष्य खुद गढ़ने में लग गए थे. उन्होंने महज 13 साल की उम्र में खुद का बिजनेस शुरू किया और आज उनका कारोबार 2 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा का पहुंच चुका है. अब अमित ने सामाजिक सरोकारों में भी हाथ बंटाना शुरू किया है और बाढ़ प्रभावित असम में उन्होंने 124 मकान बनाने का लक्ष्य रखा है.
ताशन क्लब चेन और ताशन बोल्ली स्टूडियो के फाउंडर अमित मजीठिया की जीवन यात्रा काफी उतार-चढ़ाव से भरी रही. उन्होंने 9वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और महज 13 वर्ष की उम्र में व्यवसाय की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया, मनोरंजन, हॉस्पिटैलिटी और टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना कारोबार बढ़ाया. उनके कारोबारी समूह की अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 2,000 करोड़ रुपये है.
किस सेक्टर में है उनका बिजनेस
अमित ताशन क्लब चेन के संस्थापक हैं, जो मनोरंजन के साथ हॉस्पिटैलिटी चेन है. इसके अलावा ताशन बॉली स्टूडियो के माध्यम से संगीत और मनोरंजन के क्षेत्र में भी उनकी मौजूदगी है. वे डिजिटल कंटेंट इकोसिस्टम के लिए विकसित वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म CBTFmytube.com से भी जुड़े हैं. अमित ने सोशल मीडिया पर भी बड़ी पहचान बनाई है. इंस्टाग्राम पर उन्हें करीब 3.1 करोड़ से अधिक लोग फॉलो करते हैं. क्रिकेट और डिजिटल एंटरटेनमेंट से जुड़े सेक्टर में उनकी मजबूत पहुंच मानी जाती है.
कारोबार के साथ परोपकार की तैयारी
असम में शुरू की गई उनकी पहल अमित का कारोबार के साथ परोपकार की दिशा में उठाया बड़ा कदम है. CBTF Foundation के माध्यम से उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं देने का बीड़ा उठाया है. असम में वह 124 परिवारों को दोबारा घर और बेहतर जीवन शुरू करने में मदद करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं. उनका नाम एक क्रिकेट विश्लेषण के तौर पर भी लिया जाता है.
असम के लिए जुटाई 1.66 करोड़ की राशि
अमित ने करीब 20 लोगों से 1.66 करोड़ की राशि जुटाई है और इन पैसों से असम में 124 परिवारों को दोबारा जीवन शुरू करने में मदद करने जा रहे हैं. उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांव को गोद लिया है और यहां 90 दिनों के भीतर 124 मकान बनाने की तैयारी है. मकान बनाने के साथ वे घरेलू सामान जैसे बेड और गद्दे, खाना बनाने के चूल्हे, सीलिंग फैन, एलईडी लाइट, डाइनिंग टेबल और कुर्सियां, क्रॉकरी, प्रेशर कुकर और वाटर प्यूरीफायर भी उपलब्ध कराएंगे. बच्चों की शिक्षा के लिए साइकिल, स्कूल बैग और अन्य सामग्री बांटने का भी लक्ष्य रखा है. अमित का मानना है कि अगर अपने पास संसाधन है तो उससे दूसरों की मदद करने का प्रयास करना चाहिए.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

