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Solar Panel : हाइड्रोकार्बन से पैदा होने वाली बिजली की कीमत इतनी बढ़ गई है कि पाकिसतान में लोग सोलर पैनल का इस्तेमाल जमकर करना शुरू कर दिए हैं. आलम ये है कि अब पाकिस्तान में लोगों ने सोलर पैनल को दहेज में देना शुरू कर दिया है. इसकी एक वजह यह भी है कि चीन ने पाकिस्तान को जमकर सोलर पैनल का निर्यात किया है. हालांकि, इसका खामियाजा पाकिस्तान की सरकारी बिजली कंपनियों को भुगताना पड़ रहा है.
पाकिस्तान में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बीते एक दशक में काफी बढ़ गया है.
नई दिल्ली. बिजली की बढ़ती कीमतों से लोग इतना परेशान हो गए कि अब दहेज में सोलर पैनल देने लगे, ताकि घरों में उजाला हो सके. यह कहानी भारत की नहीं, बल्कि पाकिस्तान की है. यहां हाइड्रोपॉवर से बनने वाली बिजली की कीमत 21 से 25 रुपये प्रति यूनिट पहुंच गई है. इसका असर ये हुआ कि लोगों के लिए बिजली का उपयोग करना मुश्किल हो गया. इस संकट में चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान की मदद की और उसने सोलर पैनल के लिए उपकरण मुहैया कराए. इसका नतीजा यह हुआ कि आज पाकिस्तान में तमाम इलाकों में सोलर पैनल इस्तेमाल काफी बढ़ गया है.
दरअसल, पाकिस्तान में हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट को ज्यादातर आर्थिक मदद चीन से ही मिलती है. इसमें चीन का बड़ी मात्रा में निवेश भी है, लेकिन पिछले कुछ समय से यह महसूस किया जाने लगा कि हाइड्रोपावर की जगह सोलर एनर्जी का इस्तेमाल ज्यादा सस्ता पड़ेगा. यही वजह है कि चीन ने पाकिस्तान को सोलर एनर्जी की तरफ जाने के लिए कहा और आज तमाम इलाकों में सोलर का बड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है. पाकिस्तान की आबादी करीब 25 करोड़ है, जिसमें से 5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रहे हैं. ऐसे में उनके लिए महंगी बिजली खरीदना संभव नहीं हो रहा. यही वजह है कि बीते एक दशक में तकनीक आधारित एनर्जी की हिस्सेदारी 20 फीसदी पहुंच गई है, जो पहले महज 3 फीसदी थी.
दहेज में देने लगे सोलर पैनल
बिजली की बढ़ती कीमतों की वजह से पाकिस्तान के लोगों के लिए ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. इसे देखते हुए सोलर पैनल का इस्तेमाल इतना ज्यादा बढ़ गया है कि पिछले साल पाकिस्तान सोलर उपकरणों के मामले में चीन का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश बन गया है. आलम ये है कि यह उपकरण इतने आम हो गए हैं कि अब इनका इस्तेमाल शादी में दहेज के तौर पर भी किया जा रहा है. लोग एक-दूसरे को सोलर उपकरण गिफ्ट में देने लगे हैं.
छोटे इलाकों में भी बढ़ रहा सोलर
पाकिस्तान में सोलर एनर्जी ने न सिर्फ बिजली का सस्ता जरिया दिया है, बल्कि कुछ ऐसे इलाकों में भी बिजली पहुंचाई है, जहां पहले इसकी कमी थी. इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए इसने बिजली की उन महंगी दरों के असर को कम किया है जो एशिया में सबसे ज्यादा हैं. फिर भी ग्रिड से मिलने वाली बिजली की घटती मांग पाकिस्तान और चीन, दोनों के लिए चिंता की बात है. सरकारी बिजली कंपनियों का घटता मुनाफा मौजूदा एनर्जी सिस्टम पर दबाव डाल रहा है और देश के सबसे बड़े कोयले से चलने वाले पावर प्लांट चलाने वाली चीनी कंपनियों का पैसा चुकाने का काम मुश्किल बना रहा है.
कंपनियों को होने लगा घाटा
कस्टम डाटा से पता चलता है कि साल की पहली छमाही में चीन से बैटरी का आयात लगभग 150% बढ़कर लगभग 39.2 करोड़ डॉलर हो गया है. लाहौर की कंपनी ‘इनोवो कॉर्प’ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुहम्मद मुजाहिद ने कहा कि जो भी कंज्यूमर ग्रिड से हटकर सोलर पावर अपना रहा है, उससे बोझ बढ़ रहा है. पाकिस्तान के साथ बातचीत में चीनी अधिकारी अब तक बकाया कर्ज पर बड़ी रियायतें देने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि इससे चीन की सरकारी कंपनियों और बैंकों को नुकसान हो सकता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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