यह सूर्य ग्रहण 29 मार्च को भारत के समय के हिसाब से दोपहर 2:20 पर शुरू होगा। यह दोपहर 4:17 बजे अपने चरम पर होगा और शाम 6:13 बजे खत्म हो जाएगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। इसे एशिया, अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारत में ये नहीं दिखेगा जबकि उत्तरी अमेरिका में सबसे साफ दिखेगा।
इस साल दो सूर्य, दो चंद्र ग्रहण
वर्ष 2025 में दो बार चंद्र ग्रहण और दो बार सूर्य ग्रहण होगा। पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को लगा था। अब 7 सितंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो पूरे भारत में दिखाई देगा। ये पूर्ण चंद्र ग्रहण एशिया के अन्य देशों के साथ-साथ यूरोप, अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलिया और हिंद महासागर क्षेत्र मे दिखेगा।
इसके बाद साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सितंबर के महीने में होगा। ये वर्ष 2025 का अंतिम ग्रहण होगा, जो आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण 21और 22 सितंबर को होगा। इस आंशिक सूर्य ग्रहण को न्यूजीलैंड, पूर्वी मेलानेशिया, दक्षिणी पोलिनेशिया और पश्चिमी अंटार्कटिका में देखा जा सकता है।
क्यों होता है सूर्य ग्रहण
वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इससे सूर्य का कुछ या पूरा प्रकाश रुक जाता है और छाया बनती है। वहीं आंशिक ग्रहण में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी पूरी तरह से एक सीध में नहीं होते हैं। इसलिए सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ढका हुआ दिखता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि सूर्य ग्रहण को देखने के लिए विशेष चश्मा पहनना चाहिए। नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण को देखने से आंखों को नुकसान हो सकता है।

