Business
oi-Pallavi Kumari
Silver
Rate
Today
26
December
2025:
साल
2025
खत्म
होने
से
पहले
ही
चांदी
ने
निवेशकों
और
खरीदारों
को
चौंका
दिया
है।
25
दिसंबर
को
चांदी
की
कीमत
में
जबरदस्त
उछाल
देखने
को
मिला
और
सिर्फ
एक
दिन
में
इसके
भाव
करीब
9000
रुपये
प्रति
किलो
तक
बढ़
गए।
दिल्ली
से
मुंबई
तक
चांदी
ने
नया
रिकॉर्ड
बना
लिया
है
और
कई
बड़े
शहरों
में
इसका
दाम
2.32
लाख
रुपये
प्रति
किलोग्राम
के
पार
निकल
गया
है।
यह
अब
तक
का
ऑल
टाइम
हाई
माना
जा
रहा
है।
कमोडिटी
बाजार
MCX
पर
चांदी
में
करीब
4
फीसदी
की
तेजी
दर्ज
की
गई
और
भाव
₹2,32,200
प्रति
किलो
तक
पहुंच
गया।
सुबह
करीब
9:10
बजे
यह
स्तर
छूते
ही
बाजार
में
हलचल
मच
गई।
इससे
पहले
24
दिसंबर
को
शुरू
हुई
तेजी
25
दिसंबर
को
और
तेज
हो
गई।

अंतरराष्ट्रीय
बाजार
से
मिल
रहा
सपोर्ट
घरेलू
बाजार
ही
नहीं,
बल्कि
इंटरनेशनल
मार्केट
में
भी
चांदी
रिकॉर्ड
रैली
पर
है।
स्पॉट
सिल्वर
की
कीमत
$74.56
प्रति
ट्रॉय
औंस
तक
पहुंच
गई,
जबकि
कुछ
समय
के
लिए
यह
$75.14
के
ऑल
टाइम
हाई
को
भी
छू
गई।
साल
2025
में
अब
तक
चांदी
करीब
158
प्रतिशत
मजबूत
हो
चुकी
है,
जो
सोने
की
करीब
72
प्रतिशत
की
तेजी
से
कहीं
ज्यादा
है।
🟡
Silver
Price
In
India:
26
दिसंबर
2025
को
देश
के
10
बड़े
शहरों
में
चांदी
के
रेट
(₹/किलो)
🔹
दिल्ली:
₹2,31,850
🔹
मुंबई:
₹2,32,250
🔹
चेन्नई:
₹2,33,010
🔹
कोलकाता:
₹2,32,050
🔹
बेंगलुरु:
₹2,32,820
🔹
हैदराबाद:
₹2,33,010
🔹
अहमदाबाद:
₹2,32,950
🔹
पुणे:
₹2,32,400
🔹
जयपुर:
₹2,31,900
🔹
लखनऊ:
₹2,31,950
🟡
इंडस्ट्रियल
डिमांड
ने
बढ़ाई
चमक
चांदी
की
कीमतों
में
इस
उछाल
के
पीछे
मजबूत
औद्योगिक
मांग
एक
बड़ी
वजह
मानी
जा
रही
है।
इलेक्ट्रिक
व्हीकल,
सोलर
एनर्जी,
सेमीकंडक्टर
और
डेटा
सेंटर
जैसे
नए
दौर
के
सेक्टरों
में
चांदी
की
खपत
तेजी
से
बढ़ी
है।
वहीं
दूसरी
ओर
सप्लाई
सीमित
है।
सिल्वर
इंस्टीट्यूट
की
रिपोर्ट
के
मुताबिक,
चांदी
का
बाजार
कई
सालों
से
सप्लाई
डेफिसिट
से
जूझ
रहा
है,
जिससे
कीमतों
पर
दबाव
बना
हुआ
है।
🟡
FOMO
और
ब्याज
दरों
का
असर
एक
और
अहम
कारण
निवेशकों
में
बना
FOMO
यानी
Fear
of
Missing
Out
है।
अमेरिकी
फेडरल
रिजर्व
की
ओर
से
ब्याज
दरों
में
कटौती
और
आगे
भी
रेट
घटने
की
उम्मीद
ने
गोल्ड
और
सिल्वर
जैसे
नॉन-यील्डिंग
एसेट्स
को
और
आकर्षक
बना
दिया
है।
इसके
अलावा
भू-राजनीतिक
तनाव
भी
सुरक्षित
निवेश
की
मांग
बढ़ा
रहा
है।
🟡
भारत
में
सोना
और
चांदी
के
भाव
कैसे
तय
होते
हैं?
देश
में
सोने
और
चांदी
की
कीमतें
कई
फैक्टर
पर
निर्भर
करती
हैं।
अंतरराष्ट्रीय
बाजार
के
भाव,
डॉलर
के
मुकाबले
रुपये
की
स्थिति,
आयात
शुल्क,
टैक्स,
स्थानीय
मांग
और
सप्लाई
का
सीधा
असर
कीमतों
पर
पड़ता
है।
इसके
अलावा
MCX
जैसे
कमोडिटी
एक्सचेंज
पर
ट्रेडिंग,
वैश्विक
आर्थिक
संकेत
और
केंद्रीय
बैंकों
की
नीतियां
भी
भाव
तय
करने
में
अहम
भूमिका
निभाती
हैं।
🟡
आगे
क्या
रहेगा
ट्रेंड?
एक्सपर्ट्स
का
मानना
है
कि
अगर
अंतरराष्ट्रीय
बाजार
में
मजबूती
बनी
रही
और
सप्लाई
की
स्थिति
नहीं
सुधरी,
तो
चांदी
के
दाम
आने
वाले
दिनों
में
और
ऊंचाई
छू
सकते
हैं।
हालांकि,
ऊंचे
स्तरों
पर
मुनाफावसूली
का
जोखिम
भी
बना
रहेगा।

