देश में इस वक्त स्कूलों की खस्ता स्थिति के चलते बच्चों के इनरोलमेंट में कमी पर चिंता जताई जा रही है. वहीं सिक्किम में स्थिति एक दम उलट है. 13,200 फीट की बर्फीली ऊंचाइयों पर स्थित यह दृश्य किसी की भी आंखें नम कर सकता है. पूर्वी सिक्किम के थेगु प्राइमरी स्कूल में 8 बड़े-बड़े क्लासरूम बने हैं, खेलने के लिए विशाल मैदान है और दीवारों पर बच्चों के लिए रंग-बिरंगे पोस्टर सजे हैं. लेकिन इस पूरे प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई करने वाले छात्र सिर्फ 2 हैं. इन दोनों छात्रों के नाम ल्हाकपा छेरिंग शेरपा और गेलचेन शेरपा है. इस आलीशान इमारत में सन्नाटे को चीरती सिर्फ दो बच्चों की आवाजें सुनाई देती हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए 3-3 शिक्षक रोजाना 15 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय करके पहुंचते हैं. यह खामोशी सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं है बल्कि पूरे सिक्किम में मंडरा रहे उस खौफनाक जनसांख्यिकी संकट का सीधा सबूत है. यहां देश की सबसे कम जन्म दर (TFR 1.0) के कारण बच्चों का अकाल पड़ चुका है और अब 17 प्राइमरी स्कूल बंद होने जा रहे हैं.
भारत में सबसे कम प्रजनन दर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सिक्किम के शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की टीएफआर (TFR) घटकर 1.0 पर पहुंच गई है जो पूरे भारत में सबसे कम है. राज्य के कुछ हिस्सों में तो यह आंकड़ा 0.8 तक गिर चुका है जो दुनिया में सबसे कम जन्म दर वाले शहरों जैसे सियोल (0.6) के करीब है.
1. नामांकन में भारी गिरावट: साल 2019 से 2023 के बीच सिक्किम के प्राथमिक स्कूलों में छात्रों का नामांकन लगभग 20,000 घट गया.
2. देर से शादी और एक बच्चे वाला ट्रेंड: स्थानीय लोगों के बीच जीवनशैली में बदलाव, देर से शादी करने की प्रवृत्ति और कम बच्चे पैदा करने की सोच ने इस संकट को जन्म दिया है.
3. शिक्षकों की बहुलता, छात्रों का अकाल: कई ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में स्थिति यह है कि स्कूलों में बच्चों से ज्यादा तादाद शिक्षकों और कर्मचारियों की है.
पेड़ लगाओ, बच्चा बचाओ का अनोखा मॉडल
जनसंख्या में आ रही इस गिरावट को थामने के लिए सिक्किम सरकार ने कई अनोखी और प्रोत्साहन देने वाली योजनाएं शुरू की हैं. इन्हीं में से एक प्रमुख पहल है ‘मेरो रुख मेरो संतति’ (My Tree, My Child) योजना.
• 108 पौधे और फिक्स्ड डिपॉजिट: इस योजना के तहत बच्चे के जन्म पर माता-पिता को 108 पौधे दिए जाते हैं. साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के नाम पर 10,800 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) 18 साल के लिए लॉक कर दी जाती है.
• सरकारी कर्मचारियों को एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट: राज्य में सरकारी कर्मचारियों को दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर मूल वेतन में लगभग 3% का अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जा रहा है, जिससे उन्हें हर महीने 6,000 से 7,000 रुपये का सीधा फायदा होता है.
सिक्किम की यह स्थिति संकेत देती है कि भविष्य में घटती जन्म दर किस तरह बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है.
सवाल-जवाब
प्र: सिक्किम के थेगु प्राइमरी स्कूल में इस समय कितने छात्र और शिक्षक हैं?
उत्तर: थेगु प्राइमरी स्कूल में केवल 2 छात्र (ल्हाकपा छेरिंग शेरपा और गेलचेन शेरपा) पढ़ रहे हैं, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए 3 शिक्षक नियुक्त हैं. यह स्कूल 5वीं कक्षा तक के लिए बना है और इसमें 8 क्लासरूम हैं.
प्र: सिक्किम में स्कूलों के बंद होने की मुख्य वजह क्या है?
उत्तर: मुख्य वजह राज्य की घटती कुल प्रजनन दर (TFR) है. 2019 से 2023 के बीच स्कूलों में बच्चों का नामांकन लगभग 20,000 घट गया, जिसके कारण छात्र न मिलने पर पिछले साल 38 और इस साल 17 स्कूलों को बंद करने की नौबत आई है.
प्र: सिक्किम की वर्तमान कुल प्रजनन दर (TFR) कितनी है और यह राष्ट्रीय औसत से कैसे अलग है?
उत्तर: सिक्किम की TFR 1.0 (कुछ स्थानीय आकलनों में 0.8) है, जो भारत में सबसे कम है. 2000 के दशक में भारत का राष्ट्रीय TFR 3.3 था, जो अब घटकर 1.9 पर आ चुका है, लेकिन सिक्किम का आंकड़ा इससे काफी नीचे चला गया है.
प्र: ‘मेरो रुख मेरो संतति’ योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
उत्तर: यह सिक्किम सरकार की एक पर्यावरण और जनसंख्या प्रोत्साहन योजना है. इसके तहत बच्चे के जन्म पर परिजनों को 108 पौधे रोपने के लिए दिए जाते हैं और पात्र नवजात शिशुओं के नाम 10,800 रुपये की एफडी 18 साल के लिए की जाती है.
प्र: अधिक बच्चे पैदा करने के लिए सिक्किम सरकार अपने कर्मचारियों को क्या प्रोत्साहन दे रही है?
उत्तर: सिक्किम सरकार अपने कर्मचारियों को दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर वेतन में 3% अतिरिक्त इंक्रीमेंट दे रही है, जिससे कर्मचारियों को हर महीने लगभग 6,000 से 7,000 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं.

